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अवैध निर्माण बता कर मस्जिद और मदरसों को गिरा रही है म्यांमार सरकार

म्यांमार: साल 2011 में एक लंबे सेना शासनकाल के बाद बनी म्यांमार में बनी आंग सु कई की सरकार से आने से जहाँ म्यांमार में अगले साल ही बौद्ध भिक्षुओं और मुसलमानों के बीच खुनी टकराव देखने को मिला था वहीँ उसके बाद से देश के हालात और हुकूमत मुस्लिमों के हक़ों की गवाही कम ही भरते नज़र आ रहे हैं।

इस बात का ताज़ा उदहारण देखने को मिल रहा है सु कई के नेतृत्व वाली सरकार की कारुजगारी से जिससे पता चलता है कि सरकार का रुझान न तो देश में रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों की ज़िन्दगी सँवारने की तरफ है और न ही उनके धर्म की इज़्ज़त करने के पक्ष में। जिसके चलते सरकार ने हाल ही में जारी किए एक हुक्म में देश के राखिन राज्य के घनी मुस्लिम आबादी वाले दो इलाकों: माउंगदाव और बुथिडांग में 9 मस्जिदों और और 11 मस्जिदों को गिराने का हुक्म दिया है।

ऐसा नहीं है कि सरकार सिर्फ मस्जिदों और मदरसों पर ही बुल्ड़ोज़र चलाने की सोच रही है। इलाके में बने 2200 से भी ज़्यादा इमारतों को अवैध करार दे गिराए जाने का हुक्म दिया गया है।

आपको बता दें कि म्यांमार का राखिन राज्य एक बेहद गरीब इलाका है जोकि 125,000 से भी ज़्यादा रोहिंग्या मुस्लिमों का घर है। सरकार इस इलाके की तरक्की के लिए कदम उठाने के लिए उत्सुक नहीं है जिसका असर इलाके में रह रहे लोगों की ज़िन्दगी पर पड़ रहा है।

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