Thursday , December 14 2017

अशफाक उल्ला खां और बिस्मिल का शहादत दिवस मना

आल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के बैनर तले जुमा को गया कालेज के मानविकी इमारत के नज़दिक शहीद अशफाक उल्ला खां और रामप्रसाद बिस्मिल का 87 वां शहादत दिवस मुनक्कीद की गई। शहादत प्रोग्राम की सदारत फेडरेशन के जिला नायब सदर मेराज आलम ने की। श

आल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के बैनर तले जुमा को गया कालेज के मानविकी इमारत के नज़दिक शहीद अशफाक उल्ला खां और रामप्रसाद बिस्मिल का 87 वां शहादत दिवस मुनक्कीद की गई। शहादत प्रोग्राम की सदारत फेडरेशन के जिला नायब सदर मेराज आलम ने की। शहादत दिन पर सबसे पहले पाकिस्तान के पेशावर में मारे गए स्कूली बच्चे समेत दीगर लोगों को दो मिनट का खामोशी एख्तियार कर खिराजे तहसीन दी।
इस मौके पर मुकर्रिरीन ने कहा कि बंगाल में दो अहम शख्श के गिरफ्तारी के बाद हिन्दुस्तान रिपब्लिकन ऐसोसिएशन का पूरा दामोदार बिस्मिल के कंधों पर आ गया था। इसमें अशफाक उल्ला खां के अलावे ठाकुर रौशन सिंह का अहम रोल रहा। उनकी शहादत दिवस को क़ौमी एकता दिवस के तौर में मनाई गई। सदर परवेज आलम ने कहा कि दोनों अलग अलग मजहब होने के बावजूद उनके अंदर यकीन का अटूट रिश्ता था। मौके पर आइटी महकमा के नागेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि मुल्क के फी मर मिटने वाले शहीदों के फी इज्ज़त रखने का ऐलान तालिबे इल्म से किया। एमसीए-बीसीए के महकमा सदर डा.जावेद अशरफ ने शहीदों के ज़िंदगी पर रौशनी डालते हुए कहा कि इन शहीदों की वजह से ही आज आजाद भारत में सांस ले रहे हैं। यूनिवर्सिटी नुमाइंदे कुमार जितेंद्र ने कहा कि यह मुल्क तालिबे इल्म और नौजवानों का है। अच्छे बुरे की पहचान करना हमारा फर्ज़ है। प्रोगारम में जिला सेक्रेटकरी मणि कुमार, विकास सिंह, ओमप्रकाश, सतीश कुमार, शमीमुल हक, शमशीर खां, पूजा चौहान, पिंकी कुमारी, दीप सिन्हा, अंशु कुमारी, रिक्की कुमार, धर्मेन्द्र कुमार, विजय कुमार वगैरह ने अपने ख्याल ज़हीर किए।

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