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असद ओवैसी की दूसरी दरख़ास्त ज़मानत भी मुस्तारिद

सांग रेड्डी 24 जनवरि सांग रेड्डी की एक मुक़ामी अदालत ने हैदराबाद के रुकन पार्लीमैंट और मजलिस के सदर असद ओवैसी के ख़िलाफ़ 2005 के एक मुक़द्दमे के ज़िमन में आज उन की दूसरी दरख़ास्त ज़मानत भी मुस्तारिद करदी। असद ओवैसी ने मुबयना तौर पर उस वक़्त

सांग रेड्डी 24 जनवरि सांग रेड्डी की एक मुक़ामी अदालत ने हैदराबाद के रुकन पार्लीमैंट और मजलिस के सदर असद ओवैसी के ख़िलाफ़ 2005 के एक मुक़द्दमे के ज़िमन में आज उन की दूसरी दरख़ास्त ज़मानत भी मुस्तारिद करदी। असद ओवैसी ने मुबयना तौर पर उस वक़्त मेदक के ज़िला कलैक्टर और दीगर ओहदेदारों को सरकारी फ़राइज़ की अंजाम दही में रुकावट पैदा की थी।

जोडेशील फ़रस्ट क्लास मजिस्ट्रेट और अदालत आबकारी-ओ-नशा बंदी ने पिछ्ले रोज़ भी असद ओवैसी की दरख़ास्त ज़मानत मुस्तारिद कर दिया था और आज उन की एक एसी ही दरख़ास्त पर इस अहकाम में ये तास्सुर का इज़हार किया कि क़ब्लअज़ीं पेश करदा दरख़ास्त ज़मानत को मुस्तारिद किए जाने के बाद से अब तक के हालात में कोई तबदीली नहीं हुई है चुनांचे उन की ताज़ा तरीन दरख़ास्त ज़मानत भी मुस्तारिद की जाती है।

असद ओवैसी 2 फरवरी तक अदालती तहवील में दिए गए हैं। काँडी में वाक़्ये मेदक जेल में हैं। उन्हों ने आज एक वकील के ज़रीये ताज़ा दरख़ास्त ज़मानत दाख़िल करते हुए इस्तिदलाल पेश किया था कि वो 24 जनवरी को हैदराबाद में मुनाक़िद शुदणी एक कांफ्रेंस में शिरकत करना चाहते हैं, लेकिन वकील इस्तिग़ासा ने उन की दरख़ास्त ज़मानत की मुख़ालिफ़त करते हुए कहा कि मुल्ज़िम ने दीदा दानिस्ता अदालत में हाज़िरी से गुरेज़ किया था हालाँके उन्हें (असद) एक रुकन पार्लीमैंट और लंदन के बैरिस्टर होने के नाते क़ानून से ग़फ़लत-ओ-नादानी नहीं करसकते।

महिकमा माल के एक ओहदेदार की शिकायत पर असद , उन के छोटे भाई अकबर ओवैसी और दूसरों के ख़िलाफ़ एक मुक़द्दमा दर्ज किया गया था। जिन्हों ने 2005 में हैदराबाद । मुंबई क़ौमी शाहराह पर सड़कों की तौसी काम के दौरान पट्टनचैरु के मतनगी गाव‌ में एक इबादतगाह के मुबयना इन्हिदाम के ख़िलाफ़ एहतिजाज कररहे थे।

इस दौरान उस वक़्त के ज़िला कलैक्टर मेदक ए के सिंघल और दीगर आफ़िसरान से मुबयना तौर पर बेहस-ओ-तकरार की थी। ओवैसी भाईयों ने मुबयना तौर पर कलैक्टर को ढकेल दिया था। 2005 में शिकायत दर्ज की गई थी, जिस के बाद अदालत उन के ख़िलाफ़ नाक़ाबिल ज़मानत वारंट किए गए थे लेकिन ये दोनों भाई अदालत में हाज़िर नहीं हुए थे।

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