असम पुलिस को कानून व्यवस्था के साथ-साथ गाय और बैलों को भी संभालने की जिम्मेदारी

असम पुलिस को कानून व्यवस्था के साथ-साथ गाय और बैलों को भी संभालने की जिम्मेदारी

गुवाहाटी:असम पुलिस को इन दिनों कानून व्यवस्था के साथ-साथ गाय और बैलों को भी संभालने की जिम्मेदारी आ गई है। गुवाहाटी के बाहरी हिस्से में स्थित एक पुलिस आउटपोस्ट पर सितंबर में गोतस्करों से 3 ट्रकों में भरकर ले जाए जा रहे 85 पशुओं को बरामद किया गया था, जिनमें से अधिकांश बैल थे। 10 सितंबर की इस घटना के बाद से सारे पशु अब पुलिस आउटपोस्ट के बाहर एक छोटे-से मैदान में रखे गए। लगभग एक महीने का समय बीत जाने के बावजूद इन पशुओं पर किसी ने दावा नहीं किया, लिहाजा अब पुलिस को कानून-व्यवस्था के साथ-साथ इनकी भी देखभाल करनी पड़ रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन पशुओं को अपने संरक्षण में लेने के लिए अभी तक कोई गोशाला भी सामने नहीं आई है। इन पशुओं की देखभाल के लिए कुछ पुलिसकर्मी और अन्य लोग पिछले कई दिनों से लगे हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन पशुओं को वहां से हटाने और किसी अन्य जगह भेजने के लिए उच्च अधिकारियों को भी कई बार लिखा जा चुका है लेकिन अभी तक किसी का भी जवाब नहीं मिला है। यहां तक कि गुवाहाटी नगर निगम और पशुपालन विभाग को लिखी चिट्ठियां भी किसी काम नहीं आईं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन पशुओं को अपने संरक्षण में लेने के लिए अभी तक कोई गोशाला भी सामने नहीं आई है। इन पशुओं की देखभाल के लिए कुछ पुलिसकर्मी और अन्य लोग पिछले कई दिनों से लगे हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन पशुओं को वहां से हटाने और किसी अन्य जगह भेजने के लिए उच्च अधिकारियों को भी कई बार लिखा जा चुका है लेकिन अभी तक किसी का भी जवाब नहीं मिला है। यहां तक कि गुवाहाटी नगर निगम और पशुपालन विभाग को लिखी चिट्ठियां भी किसी काम नहीं आईं।

पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 379 और 353 के साथ-साथ पशु क्रूरता कानून के तहत मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि सरकारी विभागों के टालमटोल के चलते अभी तक दो पशुओं की मौत हो चुकी है। वहीं, पुलिस विभाग के सामने दिक्कत यह है कि इतने पशुओं को चारा खिलाने के लिए उसके पास पर्याप्त पैसे भी नहीं है और उन्हें स्थानीय लोगों से मदद मांगनी पड़ रही है। आपको बता दें कि असम के रास्ते बांग्लादेश के लिए बड़ी संख्या में पशु तस्करी होती है।

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