असम में नागरिकता बिल का विरोध: पत्रकार और लेखक सहित अनेक लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज!

असम में नागरिकता बिल का विरोध: पत्रकार और लेखक सहित अनेक लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज!

नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करने पर साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार हीरेन गोहेन, आरटीआई कार्यकर्ता अखिल गोगोई और वरिष्ठ पत्रकार मंजीत महंत के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है।

ये तीनों लोग नागरिक समाज नामक एक गैर सरकारी संगठन के बैनर तले इस विधेयक के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं। इसकी जानकारी पुलिस ने बृहस्पतिवार को दी। इस बीच राज्य में विधेयक के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन ने गुवाहाटी में धारा-144 लागू कर दी है।

गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि पुलिस ने गोहेन, महंत और कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेता गोगोई के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए आईपीसी की देशद्रोह से संबंधित धारा 124 (ए), आपराधिक साजिश की धारा 120 (बी), सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने या भड़काने से संबंधित धारा 121 और 123 के तहत मामला दर्ज किया है।

उन्होंने कहा कि तीनों के खिलाफ यह मामला सात जनवरी को नागरिक समाज की बैठक के दौरान विधेयक के खिलाफ की गई उनकी टिप्पणी को लेकर दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि अभी मामले की जांच की जा रही है। ये तीनों सिविल सोसायटी समूह नागरिक समाज से जुड़े हैं। यह संगठन विधेयक का विरोध कर रहा है।

जानेमाने साहित्यकार और गुवाहाटी विश्वविद्यालय से रिटायर प्रोफेसर गोहेन ने कहा कि उन्हें देशद्रोह का मामला दर्ज किए जाने की जानकारी मिली है लेकिन इस बात की जानकारी नहीं है कि किस आधार पर यह दर्ज किया गया है। महंत प्रमुख असमिया अखबार के कार्यकारी संपादक रह चुके हैं।

साभार- ‘अमर उजाला’

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