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असम : 30 करोड़ का विज्ञापन घोटाला, 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

गुवाहाटी : असम में 30 करोड़ का विज्ञापन घोटाला हुआ था। इस घोटाले को लेकर असम के सूचना व जनसंपर्क विभाग के डायरेक्टर सहित पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल की स्पेशल विजिलेंस सेल ने शनिवार को स्पेशल जज की कोर्ट में 30 करोड़ के घोटाले में कथित रूप से शामिल पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। यह घोटाला कांग्रेस शाशन के काल में हुआ था।

सूचना व जनसंपर्क विभाग के निदेशक रंजीत गोगई के अलावा चार अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें तीन विज्ञापन व मीडिया फर्म से जुड़े लोग शामिल हैं। राजीब बोरा, अंजना बोरा,ये ब्रह्मपुत्र टेलीविजन नेटवर्क से जुड़े हैं, डेल्टा पब्लिसिटी के दिलीप कलिता व प्रदीप एडवर्टाइजिंग के अपूर्बा लश्कर के नाम एफआईआर में बतौर आरोपी दर्ज है।

पिछले साल सत्ता में आई भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने इस साल अप्रेल में घोटाले की प्रारंभिक जांच शुरू की। यह जांच तब शुरू की गई जब कैंपेन के लिए ठेके देने और भुगतान में अनियमितता के आरोप सामने आए।

असम कांग्रेस के महासचिव व वरिष्ठ प्रवक्ता पूर्बा भट्टाचार्य ने कहा, भाजपा सत्ता में है इसलिए उसे जांच करने का पूरा अधिकार है लेकिन उन्हें बिना किसी राजनीतिक पूर्वाग्रह के निष्पक्ष तरीके से जांच करानी चाहिए। पिछले महीने सोनोवाल सरकार के मंत्रियों पर ठेके देने के बदले घूस देने के आरोप लगाए तो कोई जांच शुरू नहीं की। विजिलेंस सेल के अधिकारियों ने सूचना विभाग और एफआआईर में जिन फम्र्स के नाम दर्ज हैं, उनके दफ्तरों पर छापे मारे थे।

बात दें कि प्रारंभिक जांच में राज्य में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने पब्लिसिटी कैंपेन विजन असम, मिशन असम के तहत तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई गोगोई ने कथित रूप से अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इन फर्मों को प्रोजेक्ट्स दिए। तरुण गोगोई सरकार के तीसरे टर्म के आखिरी में कैंपेन शुरु किया गया था। इसका मकसद 2016 के विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए कांग्रेस की उपलब्धियों को हाईलाइट करना था।

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