असहाबे अल कहफ : युवाओं का एक समूह जो धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए एक गुफा के अंदर छिप गए और 300 साल बाद निकले

असहाबे अल कहफ : युवाओं का एक समूह जो धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए एक गुफा के अंदर छिप गए और 300 साल बाद निकले

ईसाई और मुस्लिम परंपरा में, द सेवन स्लीपर्स (अरबी : असहाबे अल कहफ) युवाओं के एक समूह की कहानी है, जो एक धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए इफेसस, (Ephesus) शहर के बाहर एक गुफा के अंदर छिप गए थे और कुछ 300 साल बाद उभरा। असहाब ए कहफ को गुफा के लोग के रूप में भी जाना जाता है। कुरान की अठारहवीं सूरा में भी इसका उल्लेख किया गया है। आमतौर पर उनकी तादाद 3, 5 या 7 बताई जाती है. असहाब कहफ के साथियों में एक कुत्ता भी शामिल था. इफेसस, तुर्की के इज़मिर प्रांत में वर्तमान सेल्कुक से तीन किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में, इयोनिया के तट पर एक प्राचीन यूनानी शहर था।

तबरी और अन्य व्याख्याकारों के ग्रंथों का कहना है कि वे ईसाई थे और मूर्ति पूजा से इनकार करते थे। कोचक शहर के निवासी (फारस) राजा काइव्स (249 से 251) के डर से शहर के बाहर एक गुफा में छिपे हुए थे। उनके साथ उनका कुत्ता भी था। अल्लाह ने उनपर नींद तारी कर दी और गुफा में 309 साल तक सोते रहे। असहाबे कहफ नींद से बेदार हुए तो उन्होंने अपने एक साथी को शहर खाना लाने के लिए भेजा, लेकिन उसके पास पुराने जमाने के सिक्के थे. दुकानदारों को बड़ी हैरत हुई और धीरे-धीरे उस वक्त के बादशाह को जो ईसाई था खबर हुई. उसने उसे बड़ी इज्जत से अपने पास बुलवाया और उनको खाने की दावत दी खाने के बाद ये लोग फिर गार या गुफा में जाकर सो गए. अबास बिन अब्दुल मुतल्लिब की रावयत के मुताबिक उस कुत्ते का नाम जो असहाबे कहफ के साथ गार में गया था कतमीर था.
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अली अल मुर्तुजा असहाब कहफ के ये नाम बतलाते हैं : यमलिखा, मुकतलमिना, मसलिनिया, जो राजा के दाहिने ओर से थे और मरनुस, शादनुश, बाएं तरफ वालों में से थे और सातवां एक कुत्ते का नाम कतमीर था. हालांकि, इब्न अब्बास का वर्णन अल-बुखारी में वर्णित है

أَنَا مِنْ أُولَئِكَ الْقَلِيلِ مكسمليثا، وَتمليخا وَهُوَ الْمَبْعُوثُ بِالْوَرِقِ إِلَى الْمَدِينَةِ، وَمرطولس، وَيثبونس، وَذرتونس، وَكفاشطيطوس، وَمنطنواسيسوس وَهُوَ الرَّاعِي وَالْكَلْبُ اسْمُهُ قِطْمِيرُ[2]

इनसानों में से इसे जानने वाले चंद लोग हैं और उससे मुराद अहले किताब से है, और इब्न अब्बास कहते हैं : उन चंद आदमियों में से मैं भी हुं, वो सात आदमी थे और उनमें आठवां उनका कुत्ता था, फिर आपने उन सात के नामों समेत जिक्र किया. और रहा कुत्ता तो उसका नाम कतमीर ही था.

इस बारे में कुरान ने सटीक कहानी का खुलासा किया है. कुरान ने पुष्टि की कि वे 309 वर्षों तक सोए थे। हालाँकि कुरान ने कोई सटीक संख्या नहीं दिया कि वे कितने थे। अल्लाह (तबारक व ताला) ने खुलासा किया कि “(कुछ) कहेंगे: वे तीन थे, उनका कुत्ता चौथा, और (कुछ) कहते हैं: पाँच, उनका कुत्ता छठा, वे बेतरतीब अनुमान लगा रहा है: और (कुछ) कहते हैं: सात, और उनका कुत्ता आठवाँ। कहो (ऐ मुहम्मद): मेरे अल्लाह उनकी संख्या से अवगत हैं। कोई नहीं जानता कि उनकी संख्या कितनी थी। इसलिए उनके विषय में अल्लाह पर छोड़ दें ”[18:22

ऊपर का मुख्य दृश्य असहाबे-कहफ गुफा के आंतरिक भाग को दर्शाता है। तैयार किए गए पत्थर के ब्लॉक कब्र हैं; उनमें से एक (बाएं) में एक देखने का छेद है जिसके माध्यम से हड्डियों को देखा जा सकता है। कुत्ते की हड्डियों को भी प्रदर्शित किया गया है।