Tuesday , December 12 2017

असेम्बली इंतिख़ाबात के बाद, तीसरे महाज़ का क़ियाम मुम्किन

नेशनल कान्फ़्रेंस के सरबराह और मर्कज़ी वज़ीर फ़ारूक़ अबदुल्लाह ने आज दावा किया कि असेंबली इंतिख़ाबात के बाद तीसरा महाज़ उभर सकता है। मुल्क में तीसरे महाज़ के उभरने से मुताल्लिक़ एक सवाल पर डाक्टर फ़ारूक़ अबदुल्लाह ने जवाब दिया कि तीसर

नेशनल कान्फ़्रेंस के सरबराह और मर्कज़ी वज़ीर फ़ारूक़ अबदुल्लाह ने आज दावा किया कि असेंबली इंतिख़ाबात के बाद तीसरा महाज़ उभर सकता है। मुल्क में तीसरे महाज़ के उभरने से मुताल्लिक़ एक सवाल पर डाक्टर फ़ारूक़ अबदुल्लाह ने जवाब दिया कि तीसरा महाज़ एक तवील अर्सा से ख़बरों में रहा है।

इस मौज़ू पर बातचीत की जा रही थी। मैं समझता हूँ कि सिर्फ़ इंतिख़ाबात के इनइक़ाद के बाद ही तीसरा महाज़ उभर सकता है। उन्होंने मज़ीद कहा कि जब एक मर्तबा इंतिख़ाबात होजाएंगे। नशिस्तों की सही तादाद वाज़िह होजाएगी जिसके बाद ही कोई ये नतीजा कर सकता है कि आया ये मुम्किन होगा और तीसरे महाज़ की क़ियादत कौन करेगा।

कांग्रेस की सदर सोनिया गांधी की जानिब से नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ ज़हर की खेती करने के रिमार्कस के एक सवाल पर डाक्टर फ़ारूक़ अबदुल्लाह ने कहा कि में इस पर कोई तबसरा नहीं कर सकता क्योंकि जमात की सरबराह ने ये बयान दिया है। वो (सोनिया गांधी) भी शायद वही महसूस करती हैं जैसा कि उनके शौहर (राजीव गांधी) ये महसूस करते थे कि फ़िर्कापरस्त अनासिर हिंदुस्तान को तबाह करदेंगे।

उन्होंने कहा कि यही वजह थी कि राजीव गांधी ने हमेशा ही फ़िर्कापरस्ती के ख़िलाफ़ मुक़ाबला किया और वो (सोनिया गांधी) भी दुबारा वही बात कहना चाहती हैं कि किसी भी फ़िर्कापरस्त शख़्स को इस मुल्क-ओ-क़ौम का लीडर नहीं बनाया जाना चाहिए। डाक्टर फ़ारूक़ अबदुल्लाह ने कहा कि वो (सोनिया गांधी) दरुस्त हैं।

बहैसियत एक हिंदुस्तानी भी कभी ये नहीं चाहेगा कि हिंदुस्तान फ़िर्कापरस्त बन जाये। ये एक सेकूलर मुल्क है। हम तमाम हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और ख़ाह जो कोई भी हो एक मुल्क-ओ-क़ौम का एक हिस्सा हैं। चुनांचे आप को एक ऐसे लीडर की ज़रूरत है जो अपने पास हम सब को यकसाँ तौर पर अज़ीज़ रखें और इस मुल्क को आगे बढ़ाए।

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