अस्ट्रेलियन ओपन टेनिस – फेरर ‍एल्माग्रो‍ -शारा पोवा‍ वमकारवा की कामयाबयाँ

अस्ट्रेलियन ओपन टेनिस – फेरर  ‍एल्माग्रो‍ -शारा पोवा‍ वमकारवा की कामयाबयाँ

मैलबोर्न 20 जनवरी डेविड फेरर ने ऑस्ट्रेलियन ओपन के क्वार्टर फाइनल्स में रसाई हासिल करली है । उन के साथी खिलाड़ी नकोलास एल्माग्रो ने भी अपना मैच जीत कर क्वार्टरफाइनल में रसाई हासिल करली और ये दोनों खिलाड़ी अब एक दूसरे के आमने सामने होंगे ।

फेरर राफेल नडाल के ग़याब में चौथी नंबर सीड के साथ इस टूर्नामैंट में खेल रहे हैं उन्होंने जापान के काई निशी कोरी के ख़िलाफ़ लगातार सीटों में ये मुक़ाबला जीत कर साल के इफ़्तिताही ग्रांड सलाम के क्वार्टरफाइनल में रसाई हासिल करली । ताहम 10 वीं नंबर सीड एल्माग्रो ने सर्बियाई मुख़ालिफ़ खिलाड़ी यानको टपसारेवच के ख़िलाफ़ कामयाबी दर्ज की ।

ये कामयाबी टपसारेवच के ज़ख़मी होने की वजह से आसान होगई । उस वक़्त तक वो मैच में 6 – 2, 5 – 1 की सबक़त हासिल करचुके थे । फेरर ने अपने मैच में अच्छा मुज़ाहरा किया और जद्द-ओ-जहद के बाद उन्हें कामयाबी हासिल हुई । अगर वो क्वार्टर फाइनल्स में रसाई हासिल करलेते हैं तो उन्हें सेमीफाइनल में दिफ़ाई चम्पिय‌न नवाक़ जोकोविच के ख़िलाफ़ मुक़ाबले दरपेश होसकते है ।

फेरर और एल्माग्रो के माबेन अब तक 12 मुक़ाबले हुए हैं और फेरर ने एक में भी शिकस्त नहीं खाई है । जोकोविच को अब इस्टानसेलास वाइ रेणुका के ख़िलाफ़ मुक़ाबले दरपेश है । इस मुक़ाबले में कामयाबी हासिल करने वाले खिलाड़ी का मुक़ाबला चेक जमहूरीया के टॉमस बर्डिच से होसकता है । बर्डिच ने क्यूँ एंडरसन के ख़िलाफ़ एक जद्द-ओ-जहद से भरपूर मुक़ाबला में 6 – 3, 6 – 2, 7 – 6 से कामयाबी हासिल की ।

ये मुक़ाबले दो घंटे और 44 मिनट तक चलता रहा । टाई ब्रेकर में उन्होंने काफ़ी जद्द-ओ-जहद की ओरियन मौक़ा पर वो इस में शिकस्त से बच गए और मैच में कामयाबी हासिल करली । राफेल नडाल ज़ख़मी होकर इस टूर्नामैंट में हिस्सा नहीं ले रहे हैं और उनके ग़याब में इस टूर्नामैंट के बाद डेविड फेरर को चौथी नंबर सीड हासिल होजाएगी ।

उन्होंने निशी कोरी के ख़िलाफ़ मैच 6 – 2, 6 – 1, 6 – 4 से जीत लिया । ये मैच दो घंटे और दस मिनट तक चलता रहा । इस मैच में ताहम फेरर अपनी सरवेस के मीआर को बरक़रार नहीं रख सके । फेरर ने एतराफ़ किया कि अब वो टाप चार खिलाड़ियों में शामिल हैं राफेल नडाल गुजिशता कुछ वक़्त से ज़ख़मी हैं। ये हक़ीक़त है ।

उन्होंने कहा कि टाप चार खिलाड़ी बेहतरीन सलाहियतों के हामिल हैं। ये उनका अपना ख़्याल है लेकिन वो कोशिश कर रहे हैं कि हर मैच में उन्हें कामयाबी मिल सके । नताइज भी मौजूद हैं। उन्होंने ताहम कहा कि वो आइन्दा मेचस पर कोई तबसरा करना नहीं चाहते ।

उन्होंने कहा कि उन के ख़्याल में इन का कोई ग्रांड सलाम ख़िताब जीतना आसान नहीं है क्यो कि दीगर टाप चार खिलाड़ी इस में मौजूद हैं और वो दूसरे तमाम खिलाड़ियों से बेहतर हैं। जब नडाल ने ऑस्ट्रेलियन ओपन से दसतबरदारी इख़तियार करली तो फेरर को चौथी सीड दी गई थी ।

नडाल को तकलीफ़ है और वो गुजिशता साल विंबलडन में भी टख़ने के ज़ख़म की वजह से हिस्सा नहीं ले सके थे । निशी कोरी हालाँकि 2008 के अमेरीकी ओपन में फेरर को शिकस्त दे चुके हैं लेकिन इस बार वो एसा करने में कामयाब नहीं होसके । निशी कोरी ने मैच के बाद कहा कि वो बहुत अच्छा खेल रहे थे इस लिए उन्हें भी बहुत ज़्यादा मेहनत करनी पड़ रही थी ।

उन्होंने एतराफ़ किया कि उन्हें अपनी सरवेस भी बरक़रार रखना मुश्किल हो रहा था । ये मैच बहुत सख़्त रहा है । इस दौरान एल्माग्रो ने कहा कि उन्हें ख़ुशी नहीं है कि वो क्वार्टरफाइनल में पहूंचे हैं क्यो कि उन के मुख़ालिफ़ टपसारेवच ज़ख़मी होगए थे । उन्होंने कहा कि इस तरह की कामयाबी हासिल करना इन का पसंदीदा तरीका नहीं है ।

यानको ज़ख़मी होगए थे । उन्होंने ताहम कहा कि अगर टपसारेवच ज़्यादा ज़ख़मी थे तो दसतबरदारी का फैसला दरुस्त था । इस दौरान ख़वातीन के ज़मुरे में मारिया शारा पोवा भी क्वार्टर फाइनल्स में दाख़िल होगई हैं और यहां इन का मुक़ाबला रूस की ही इकट्टा रैना मक्कारवा से होगा ।

दूसरी नंबर सीड शारा पोवा ने बेलजिय‌म् की कर्स्टन फ्लिपकेंस के ख़िलाफ़ 6 – 1, 6 – 0 से कामयाबी हासिल की और अब इन का आइन्दा मुक़ाबला मक्कारवा से होगा । मक्कारवा ने अपने मैच में आलमी नंबर पाँच जर्मनी की अंजलक करबर को 7 – 5, 6 – 4 से शिकस्त देदी ।

आज दीगर मुक़ाबलों में उस‌ने सका राडवांसका का मुक़ाबला सर्बिया की अन्ना एवानोच से होगा जबकि चीन की लीना का मुक़ाबला जर्मनी की जूलिया जॉर्जिस से होने वाला है । शारा पोवा इस टूर्नामैंट में अब तक सिर्फ़ पाँच गेम्स से पीछे रही हैं और शानदार मुज़ाहरा कर रही हैं।

वो 2008 में ऑस्ट्रेलियन ओपन चम्पिय‌न रही हैं। उन्होंने मैच के बाद कहा कि वो इस कामयाबी पर बहुत ख़ुश हैं। वो बहुत अच्छा खेल रही हैं लेकिन अब चूँकि क्वार्टर फाइनल्स है इस लिए यहां से मुक़ाबले बहुत सख़्त होते जाएंगे । उन्हें अपने खेल पर तवज्जो मर्कूज़ करनी होगी ताकि वो चूक ना जाएं।

उन्हें स्कोर की परवाह किए बगैर अपना खेल बेहतर से बेहतर बनाने की ज़रूरत है । शारा पोवा का आइन्दा मुक़ाबला अब मक्कारवा से होने वाला है जिन्होंने 2012 में भी क्वार्टर फाइनल्स में शारा पोवा से शिकस्त खाई थी । मक्कारवा ताहम इस बार गुजिशता मुक़ाबला की शिकस्त का बदला लेना चाहेंगी । उन्होंने कहा कि वो यक़ीनी तौर पर शारा पोवा के ख़िलाफ़ अच्छा मुज़ाहरा करने की कोशिश करेंगी ।

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