अहमदी नज़ाद का अदालती हुक्म के बावजूद जेल के दौरा के लिए इसरार

अहमदी नज़ाद का अदालती हुक्म के बावजूद जेल के दौरा के लिए इसरार
सदर ईरान महमूद अहमदी नज़ाद ने आज इसरार ( जिद्द) किया है कि वो तेहरान की अवीन जेल का दौरा करने के ख़ाहां हैं । हालाँकि एक दिन क़बल अदालत ने उन की दरख़ास्त मुस्तर्द (रद्द) कर दी थी । सदारती वेब साईट पर बताया गया है कि अहमदी नज़ाद ने अदलिया (न

सदर ईरान महमूद अहमदी नज़ाद ने आज इसरार ( जिद्द) किया है कि वो तेहरान की अवीन जेल का दौरा करने के ख़ाहां हैं । हालाँकि एक दिन क़बल अदालत ने उन की दरख़ास्त मुस्तर्द (रद्द) कर दी थी । सदारती वेब साईट पर बताया गया है कि अहमदी नज़ाद ने अदलिया (न्याय करने वाला महिकमा) के सरबराह अयात उल्लाह सादिक़ लारी जानी को मकतूब (खत) रवाना करते हुए दस्तूर की मुख़्तलिफ़ दफ़आत ( Ac) का हवाला दिया और कहाकि वो मुल्क के मुख़्तलिफ़ ( अलग अलग) उमोर (हिस्से/ क्षेत्र) में इस्लाहात के ख़ाहां हैं और दस्तूर पर मुकम्मल अमल आवरी (Implementation) को यक़ीनी बनाना चाहते हैं ।

वो बाअज़ जेलों और बाअज़ अदालतों का मुशाहिदा ( निरीक्षण) करते हुए ये पता लगा सकते हैं किस तरह दस्तूर और अवाम के बुनियादी हुक़ूक़ ( अधिकार) पर अमल किया जा रहा है । वो अपनी रिपोर्ट अवाम और क़ौम (राष्ट्र) के पेशवा के रूबरू पेश करेंगे ।

अहमदी नज़ाद गुज़शता महीने अपने करीबी सहाफ़ती मुशीर अली अकबर जवान फ़िक्र को हिरासत में लिए जाने के बाद जेल का दौरा करने की ख़ाहिश ज़ाहिर की थी लेकिन अदालत ने कहा कि सदर को चाहीए कि वो इरान के संगीन होते मआशी बोहरान ( आर्थिक संकट) को हल करने की कोशिश करें ना कि जेल का दौरा करें।

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