अहम तेहवारों की वजह से 15 अक्तूबर को मोदी की कानपूर रैली पर सवालिया निशान

अहम तेहवारों की वजह से 15 अक्तूबर को मोदी की कानपूर रैली पर सवालिया निशान
भारतीय जनता पार्टी के वज़ीर-ए-आज़म के दावेदार नरेंद्र मोदी 15 अक्तूबर को कानपूर में एक बहुत बड़ी रैली करने जा रहे हैं, इस रैली को कामयाब बनाने केलिए प्रदेश बी जे पी पूरी ताक़त से जुटी हुई है।

भारतीय जनता पार्टी के वज़ीर-ए-आज़म के दावेदार नरेंद्र मोदी 15 अक्तूबर को कानपूर में एक बहुत बड़ी रैली करने जा रहे हैं, इस रैली को कामयाब बनाने केलिए प्रदेश बी जे पी पूरी ताक़त से जुटी हुई है।

रैली की तैयारियों और मुज़फ़्फ़र नगर समेत मगरिबी यू पी के हालिया फ़िर्कावाराना फ़सादाद के तनाज़ुर में अखिलेश यादव हुकूमत नरेंद्र मोदी की इस मुम्किना रैली पर बक़रीद , दस्हरा जैसे तेहवारों के मद्द-ए-नज़र पाबंदी लगा सकती है जिस का इशारा समाजवादी पार्टी के तर्जुमान और रियासती वज़ीर जेल राजिंदर चौधरी ने आज यहां दिया।

उन्होंने कहा कि रैली , जलसे , जलूस चाहे वो मोदी करें यह कोई करे किसी को रियासत के फ़िर्कावाराना माहौल से खेलने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। अगर किसी ने फ़िर्कावाराना माहौल को ख़राब करने की कोशिश की तो उससे पूरी सख़्ती के साथ निपटेगी। उन्होंने कहा कि यही सहीह है कि यू पी में जम्हूरियत है लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि यहां बदअमनी पैदा की जाये।

दूसरी तरफ़ भारतीय जनता पार्टी के रियासती सदर लक्ष्मी कांत वाजपाई ने साफ़ कहा कि कानपूर में मोदी की रैली उनके वज़ीर-ए-आज़म बनने की मील का पत्थर लगाएगी। अगर रैली पर पाबंदी लगाने की अखिलेश यादव हुकूमत ने कोशिश‌ की तो उसे इंतिहाई ख़तरनाक दूर रस नताइज हासिल होंगे।

उन्होंने कहा कि मोदी की कानपूर की रैली तय‌ होजाने के बाद हर कीमत पर होकर रहेगी। ताज़ा तरीन ल्हबर‌ के मुताबिक़ दो अहम तेहवारों यानी ईद-उल-अज़हा और दस्हरा की वजह से मोदी की रैली का अब 19 या 20 अक्तूबर को किया जाएगा।

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