Sunday , July 22 2018

अज़ीम तर मजलिस बलदिया हैदराबाद काम कम दावे ज़्यादा

बलदी ओहदेदारों ने अपनी ज़िम्मे दारीयों और फ़राइज़(कर्तव्यों ) का कचरा कर दिया , कचरे की फ़ौरी निकासी का दावा सिर्फ दावा निकला

बलदी ओहदेदारों ने अपनी ज़िम्मे दारीयों और फ़राइज़(कर्तव्यों ) का कचरा कर दिया , कचरे की फ़ौरी निकासी का दावा सिर्फ दावा निकला

अज़ीम तर मजलिस बलदिया हैदराबाद ने हाल ही में शहर को साफ़ सुथरा रखने के लिये ख़ुसूसी मुहिम शुरू की है जिस के तहत किसी भी मुक़ाम पर रखे गए कूड़ा दान में कचरा जमा होजाए तो सिर्फ एक फ़ोन करने पर वो कचरा उठा लिया जाएगा । बलदिया के आला ओहदेदारों ने अपने इस मंसूबे को ग़ैरमामूली , इख़तिराई नवीत का हामिल और मुनफ़रद(छोटे) क़रार दिया है ।

इन का दावा है कि सिर्फ एक कॉल कीजिए और फिर देखिए आप की गली , सड़कों और दीगर(अन्य‌) मुक़ामात से कचरे की निकासी कैसे अमल में आती है लेकिन पहले ही से बलदिया के बारे में ये मुहावरा मशहूर है बलदिया खाया पिया चलदया लेकिन मौजूदा हालात में ये मुहावरा बलदिया पर सिर्फ निस्फ़ उतरता है बल्कि बलदिया और बलदी हुक्काम-ओ-ओहदेदारों के बारे में ये कहना बेहतर होगा काम कम बातें ज़्यादा हाँ बलदी ओहदेदार काम कम करते हैं और बातें ज़्यादा यानी बुलंद बाँग दावे उन लोगों की आदत बन गई है ।

सारे शहर को साफ़ कर के रखदेंगे किसी गली और चौराहे पर अब कचरा नज़र नहीं आएगा सिर्फ एक फ़ोन कीजिए कचरे की निकासी करवाईए वगैरह वगैरह चंद दावे है जो आजकल बलदी ओहदेदार कररहे हैं लेकिन अफ़सोस के फ़ोन करने पर कोई मुसबत रद्द-ए-अमल का इज़हार नहीं(सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं) किया जाता बल्कि कभी फ़ोन सोइच औफ़ रहता है तो किसी वक़्त सूपरवाइज़र छुट्टी पर होते हैं और बाअज़ मर्तबा बंद वगैरह के बहाने बनाए जाते हैं ।

क़ारईन आप को बतादें कि हाल ही में अज़ीम तर मजलिस बलदिया हैदराबाद ने कचरे की निकासी के लिये ख़ुसूसी प्रोग्राम शुरू किया जिस के मुताबिक़ साउथ ज़ोन और नॉर्थ ज़ोन के 500 मुक़ामात पर कोड़े दानों के करीब एक बोर्ड आवेज़ां(कार्यक्रम शुरू ) किया गया । इस बोर्ड पर सूपरवाइज़र का नाम , कचरे की निकासी करनेवाली गाड़ी के ड्राईवर का नाम और दोनों के फ़ोन नंबरात , गाड़ी का नंबर और किन औक़ात में गाड़ी कचरे की निकासी करती है वो औक़ात दर्ज किए गए हैं

बोर्ड पर अवाम से अपील की गई है कि अगर कहीं किसी कूड़ेदान से कचरे की निकासी नहीं की गई तो अवाम सूपरवाइज़र ड्राईवर के फ़ोन नंबरात पर रब्त पैदा करते हुए तवज्जु(ध्यान‌) दिला सकते हैं जिस पर फ़ौरी इक़दामात(तत्काल कदम ) करते हुए कचरे की निकासी अमल में आएगी । लेकिन अगर कचरे की गाड़ी ट्रैफिक में फंसी हुई हो या ख़राब होजाए यह फिर तकनीकी वजूहात की बिना पर कुछ ताख़ीर होसकती है ।

अगर फ़ोन करने के बावजूद सूपरवाइज़र और ड्राईवर कचरे की निकासी में नाकाम रहते हैं तो आला हुक्काम(वरिष्ठ अधिकारियों) को उन के इस तसाहुल से वाक़िफ़( परिचित) करवाया जाय फ़ौरी कार्रवाई की जाएगी । पुराने शहर के तक़रीबा मुक़ामात(जगाहो) पर इस तरह के बोर्डस लगाए गए हैं । उन पर अंग्रेज़ी में अवाम से अपील की गई है और उन्हें मुख़्तलिफ़(विभिन्न) हिदायात दी गएं हैं इस बोर्ड पर वार्ड नंबर सर्किल नंबर भी दर्ज किया गया है ।

अज़ीम तर मजलिस बलदिया हैदराबाद की तरफ‌ से लगाए गए इस बोर्ड पर शहर को पाक साफ़ रखने में रुकावट पैदा करने वाले किसी भी इक़दाम(इंतेज़ामो) को काबुल गिरिफ़त‍ और जुर्माना क़रार दिया गया है अगर कोई खुले मुक़ामात(जगाहो) पर कचरा फेंकेगा तो उसे 1000 रुपय जुर्माना होगा जब कि कूड़ा दान के करीब सड़कों और फुटपाथों पर पेशाब करने वालों को 100 रुपय जुर्माना देना पड़ेगा ।

कूड़ा दानों और उन के करीब मलबा डालने पर दस हज़ार रुपय , पोस्टर्स और पमफ़्लेटस लगाने पर दो हज़ार चालान देना पड़ेगा । यहां इस बात का तज़किरा ज़रूरी होगा कि हैदराबाद में जुमला(कुल‌) 3500 कूड़ेदान हैं और बलदिया ने शहर में कचरे की निकासी को बेहतर बनाने के लिये 100 करोड़ रुपय मुख़तस किए हैं इन 100 करोड़ रुपय से गाड़ियों की निगहदाशत , फ्यूल चार्जस और कचरा निकासी की जा रही है ।

वाज़िह रहे कि अक्सर ड्राईवरस और सूपरवाइज़रस मेन रोड्स का कचरा उठा रहे थे गलियों का कचरा उठाने में वो तसाहुल-ओ-ग़फ़लत से काम ले रहे थे उन की इसी रविष के ख़िलाफ़ आला हुक्काम ने ग़ौर-ओ-फ़िक्र करते हुए नए इक़दामात(कदम ) शुरू किए । वैसे भी शहर में डेंगू और दीगर अमराज़(रोग) फैले हुए हैं और बीमारियों का ताल्लुक़(संबंध) साफ़ सफ़ाई से ज़रूर होता है ।

कचरे की अदम(ग़ैर) निकासी की सूरत में मच्छरों की अफ़्ज़ाइश(विकास) बढ़ जाती है और इस से अवाम के मुख़्तलिफ़ अमराज़(विभिन्न रोगों) में मुबतला होजाने का जोखिम बढ़ जाता है । हेल्त एंड पनटेशन एडीशनल कमिशनर अल वंदन कुमार के मुताबिक़ अवाम की सेहत की हिफ़ाज़त के लिये और हिफ़्ज़ान-ए-सेहत पर फ़ौरी तवज्जु (ध्यान‌)के लिये बलदिया ने ये इख़तिराई इक़दामात(अभिनव कदम ) शुरू किए हैं लेकिन हक़ीक़त में देखा जाय तो अब भी शहर के मुख़्तलिफ़(विभिन्न) मुक़ामात(जगाहो) और गलियों में कचरा पड़ा हुआ है एसा ही एक मुक़ाम दूध बावली है ।

दूध बावली में एक हॉस्पिटल के करीब कचरे का अंबार पड़ा हुआ था । मुक़ामी अफ़राद(लोगो) ने कूड़ेदान के करीब आवेज़ां बोर्ड पर दर्ज हिदायात को ग़ौर से पढ़ कर इस पर दीए गए फ़ोन नंबरात पर कोंल किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका जिस पर मुक़ामी अवाम ने दफ़्तर रोज़नामा सियासत को फ़ौरी फ़ोन करते हुए उस की इत्तिला दी । इत्तिला मिलते ही राक़िम उल-हरूफ़ फ़ौरी दूध बावली पहूंच गया और देखा कि वहां हक़ीक़त में कचरे का अंबार पड़ा हुआ है हम ने भी बोड पर दर्ज नंबरात पर काल किये । सब से पहले ड्राईवर को फ़ोन क्या । इस साहिब का फ़ोन सोइच औफ़ पाया गया ।

सोपर वाइज़र को फ़ोन क्या इस बेचारे ने बताया कि वो छुट्टी पर है । जब इस से कहा गया कि उसे फ़र्द का नंबर दीजिए जो ड्यूटी पर हो तो सुपरवाइज़र ने बड़ी बेबसी से बताया कि तेलंगाना बंद है इस लिये बलदिया की गाड़ियां रोड पर नहीं आ सकें इस लिये कल से कचरे की निकासी नहीं की जा सकी । बहरहाल बलदी ओहदेदार की ग़फ़लत-ओ-तसाहुल मुस्लिमा है । उन लोगों ने कूड़े दानों के करीब जो बोर्डस आवेज़ां किये हैं उन पर जो नंबरात और औक़ात दर्ज किए हैं सब बेमानी हैं ।

बलदिया के ये दावे के अपने शहर को साफ़ सुथरा रखने जंगी पैमाने पर काम किया जा रहा है सिर्फ दावे ही हैं अज़ीम तर मजलिस बलदिया की अवामी मसाइल बिलख़सूस पुराना शहर से ग़फ़लत-ओ-तसाहुल पर हम यही कह सकते हैं कि बलदी ओहदेदारों ने अपनी ज़िम्मेदारीयों और फ़राइज़ का कचरा कर दिया है । काश वो समझ पाते कि रियासत के मुख़्तलिफ़ मुक़ामात और शहर में डेंगू और वाइरल फीवर का सिलसिला चल पड़ा है उसे मे कूड़े दानों से कचरे की निकासी बहुत ज़रूरी है वर्ना सेहत आम्मा पर इस का रास्त असर पड़ सकता है ।

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