Friday , December 15 2017

अफ़ज़ल गुरु केस में चिदम़्बरम के रिमार्कस पर बीजेपी की तन्क़ीद

नई दिल्ली: सीनियर कांग्रेस लीडर पी चिदम़्बरम जिन्होंने यूपीए हुकूमत में दाख़िला और फाईनेंस के क़लमदानों की ज़िम्मेदारी संभाली, आज बीजेपी की तरफ़ से उन तबसरों की बिना शदीद हदफ़ तन्क़ीद बनाए गए जो अफ़ज़ल गुरु के ताल्लुक़ से उनसे मंसूब किए गए हैं।

गुरु को 2001 में पार्लियामेंट पर दहशतगरदाना हमले में मुजरिम पाए जाने पर फांसी दी गई थी। चिदम़्बरम के रिमार्कस पर रद्द-ए-अमल में बीजेपी नेशनल सेक्रेटरी श्रीकांत शर्मा ने उसे ”बद बख्ता ना’ क़रार देते हुए कहा कि ये पार्लियामेंट हमले के शहीदों और अदलिया की ”तौहीन’ है।

शर्मा ने कहा कि ये निहायत बद बख्ताना बयान है। ये उन सिपाहीयों की तौहीन है जो पार्लियामेंट हमले में शहीद किए गए। 2011 में जब साबिक़ा यूपीए हुकूमत ने गुरु की रहम की अपील मुस्तरद की , तब चिदम़्बरम वज़ीर-ए-दाख़िला थे|

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