अफ़्ग़ानिस्तान की मुसालहत में हिंद-पाक-ईरान का तआवुन ज़रूरी

अफ़्ग़ानिस्तान की मुसालहत में हिंद-पाक-ईरान का तआवुन ज़रूरी
नई दिल्ली, २४ दिसम्बर: ( पी टी आई) ईरान ने अफ़्ग़ानिस्तान के मसला का इलाक़ाई हल तलाश करने के लिए एक नुस्ख़ा पेश किया और कहा कि हिंदूस्तान और पाकिस्तान जैसे ममालिक जंग ज़दा मुल्क में मुसालहत के अमल को मूसिर बनाने में मदद कर सकते हैं। ईर

नई दिल्ली, २४ दिसम्बर: ( पी टी आई) ईरान ने अफ़्ग़ानिस्तान के मसला का इलाक़ाई हल तलाश करने के लिए एक नुस्ख़ा पेश किया और कहा कि हिंदूस्तान और पाकिस्तान जैसे ममालिक जंग ज़दा मुल्क में मुसालहत के अमल को मूसिर बनाने में मदद कर सकते हैं। ईरान के दौरा कनुंदा लीडर अली अकबर विलायती और वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह के दरमयान मुलाक़ात के दौरान अफ़्ग़ानिस्तान के सूरत-ए-हाल पर ग़ौर-ओ-ख़ौस किया गया।

दोनों मुल्कों ने ख़ित्ता में अमन और ख़ुशहाली लाने के लिए तआवुन करने से भी इत्तिफ़ाक़ किया है। वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह से मुलाक़ात के बाद अकबर अली वलाएती ने जो ईरान के सुप्रीम लीडर अयात् उल्ला खुमैनी के बैन-उल-अक़वामी उमूर के मुशीर हैं, अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए कहा कि हमें इस ख़ित्ता के अंदर सूरत-ए-हाल का जायज़ा लेना होगा। ईरान का ईक़ान है कि इस ख़ित्ता के अवाम भी अफ़्ग़ानिस्तान के मसला का हल तलाश करने के मुतमन्नी हैं।

सहाफ़ीयों से बातचीत के दौरान वलाएती ने तेल बरामदात के लिए ईरान को दी गई हिंदूस्तानी रक़ूमात का मसला ईरान, पाकिस्तान, हिंदूस्तान गैस् पाइप लाईन के इमकानात, ईरान के न्यूक्लीयर प्रोग्राम पर हिंदूस्तान के मौक़िफ़ और मशरिक़ी वसती में सूरत-ए-हाल पर इज़हार-ए-ख़्याल किया।

अफ़्ग़ानिस्तान के साथ तआवुन के लिए ख़ुसूसी शोबों से मुताल्लिक़ पूछे जाने पर वलाएती ने कहा कि हिंदूस्तान ईरान, पाकिस्तान और बाज़ वस्त एशियाई ममालिक को अफ़्ग़ानिस्तान के मुख़्तलिफ़ ग्रुपस के अंदर मुसालहत के अमल का इंतिज़ाम करने में मदद करनी चाहिये। अफ़्ग़ानिस्तान के पड़ोसी ममालिक को भी मुल्क में अमन और तरक़्क़ी लाने में मदद करनी चाहीये। हमारा ईक़ान है कि अफ़्ग़ानिस्तान के अवाम को भी अपने मुस्तक़बिल का फ़ैसला करना होगा।

ईरान और हिंदूस्तान को इस अमल में मदद करनी चाहीये। ताहम उन्हों ने ये वाज़िह करदिया कि इस का मतलब ये नहीं कि हम अफ़्ग़ानिस्तान के दाख़िली मुआमलों में मुदाख़िलत करना चाहते हैं। अफ़्ग़ानिस्तान से आलमी फ़ोर्सस की दसतबरदारी के फ़ैसले से मुताल्लिक़ वलाएती ने कहा कि बैन-उल-अक़वामी फ़ोर्स को अफ़्ग़ानिस्तान छोड़ने के सिवाए कोई रास्ता नहीं है।

ये क़दम जल्द या बदीर उठाना ही होगा। अगर अमेरीकी फ़ोर्स अफ़्ग़ानिस्तान में रहती है तो उसे वैतनाम की सूरत-ए-हाल की तरह सामना करना पड़ेगा। विलायती ने कहा कि तेल बरामदात के लिए ईरान को हिंदूस्तान की जानिब से रक़ूमात की अदायगी के मसला पर वलाएती ने कहा कि इस मौज़ू पर वज़ीर-ए-आज़म से बातचीत हुई है।

मनमोहन सिंह ने उन्हें बताया कि इस मसला को हल करलिया गया है। ये पता चला है कि हिंदूस्तान ने मास्को में बैंकों से ईरान को मामूल की अदायगीयों के लिए रूस के साथ बातचीत की है। हमें इस मौज़ू पर तफ़सीली बातचीत नहीं की है क्यों कि दोनों मुल्कों के दरमयान इस सिलसिला में ग़ौर-ओ-ख़ौस हो रहा है।

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