Saturday , July 21 2018

अफ़्ग़ान तालिबान बरतरी साबित करने की कोशिश में

अफ़्ग़ान तालिबान ग़ैर मामूली तौर पर अस्करी कार्यवाईयों में शिद्दत पैदा किए हुए हैं। उमूमन माज़ी में तालिबान अस्करीयत पसंद अपनी मुसल्लह कार्यवाहीयां मौसमे गर्मा में तेज़ किया करते थे।

अफ़्ग़ानिस्तान में तालिबान की मुसल्लह कार्यवाईयों में इंतिहाई ज़्यादा इज़ाफे़ को इस तनाज़ुर में देखा जा रहा है कि वो अमन मुज़ाकरात में अफ़्ग़ान फ़ौज के हमपल्ला होते हुए शरीक होना चाहते हैं।

तजज़िया कारों का ख़्याल है अफ़्ग़ान सिक्यूरिटी फोर्सेस को मुख़्तलिफ़ महाज़ों पर तालिबान की शदीद मुज़ाहमत का सामना है और अगले मुज़ाकराती अमल में वो मज़ीद रियाइतों का मुतालिबा कर सकते हैं।

इसी तरह बाअज़ माहिरीन का ख़्याल है कि तालिबान के बाअज़ बाअसर पाकिस्तानी अनासिर अमन मुज़ाकरात के अमल को पटरी से उतारने की पसे पर्दा कोशिशों में मुलव्विस हो सकते हैं।

गुज़िश्ता कई बरसों से जारी तालिबान की मुसल्लह कार्यवाहीयां मौसमे सरमा में कम हो जाती थीं लेकिन इस मर्तबा ऐसा नहीं है और ये एक इंतिहाई ग़ैर मामूली पेशरफ़्त क़रार दी गई है।

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