Thursday , December 14 2017

आंध्र प्रदेश को तरक़्क़ीयाफ़ता रियासत बनाने का मंसूबे

चंद्रबाबू नायडू हुकूमत ने आंध्र प्रदेश को एक ख़ुशहाल और तरकियाफ़तह रियासत में तबदील करने का मंसूबा बनाया है जिस का मक़सद इस रियासत को 20-22 तक मुल्क की तीन ख़ुशहाल रियासतों में शामिल करना है।

चंद्रबाबू नायडू हुकूमत ने आंध्र प्रदेश को एक ख़ुशहाल और तरकियाफ़तह रियासत में तबदील करने का मंसूबा बनाया है जिस का मक़सद इस रियासत को 20-22 तक मुल्क की तीन ख़ुशहाल रियासतों में शामिल करना है।

चंद्रबाबू नायडू के मंसूबा में सिंगापुर के ख़ुतूत पर अपनी रियासत में 14 बड़ी और छोटी बंदरगाहों,3 इंटरनेशनल और 14 डोमेस्टिक एयरपोर्टस तामीर करने का मंसूबा भी बनाया है।

आंध्र प्रदेश को फ़िज़ाई, बहरी और ज़मीनी सतहों पर एक ग़ैरमामूली तरकियाफ़तह रियासत बनाने के एजंडे में 3 मेगा स्टेज़ और 11स्मार्ट स्टेज़, 28 ख़ुसूसी मआशी ज़ोनस शामिल हैं।

रियासत में आबी गुज़रगाहों और क़ौमी आबी रास्तों को एक दूसरे से मरबूत करने के अलावा काकीनाडा को पेडूचरी से मरबूत करने का मंसूबा भी है।

ये तमाम मंसूबे अगरचे माबाद तक़सीम अपनी तामीर-ए-जदीद की जद्द-ओ-जहद में मसरूफ़ रियासत के लिए बहुत बड़े मालूम होते हैं। हुकूमत ने पाँच अहम शोबों पानी, बर्क़ी, शाहराहें, गैस और फाइबर ऑप्टिक पर तवज्जा मर्कूज़ की है।

मेहनत-ओ-हुनर और फ़रोग़ उलूम, शहरी तरकियात, सनअती शोबा और इइंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं जिन से ना सिर्फ़ रियासती हुकूमत के तरक़्क़ीयाती मंसूबों की तकमील होगी बल्कि रोज़गार के मवाक़े पैदा होंगे और ग़रीबी की में मदद मिल सकती है।

इस ज़िमन में चंद्रबाबू नायडू ने कहा हैके ग़ुर्बत के बगै़र एक समाज और एक रियासत जो टेक्नालोजी का मर्कज़ हो और एक ख़ुशहाल और मसरूर आबादी जो अपने मुस्तक़बिल के बारे में पुरामीद रहे यही आंध्र प्रदेश के लिए मेरा क़तई नज़रिया और वीज़न है।

चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि में एक साज़गार निज़ाम के क़ियाम को यक़ीनी बनाऊंगा और हर शहर को तरक़्क़ी का मर्कज़ बनाया जाएगा जो नतीजतन सारे आंध्र प्रदेश को एक ख़ुशहाल-ओ-तरकियाफ़तह रियासत में तबदील करसके।

चंद्रबाबूनायडू ने कहा कि रियासत की तक़सीम से पैदा शूदा मौजूदा मसाइल-ओ-मसाइब को वो तरक़्क़ी-ओ-ख़ुशहाली के मौक़ों में तबदील करदेंगे लेकिन ताहाल हर चीज़ महिज़ काग़ज़ात तक महिदूद है हनूज़ इस बात का कोई क़तई फैस्ला नहीं किया जा सका हैके इनतमाम मंसूबों की तकमील के लिए कितनी रक़म दरकार होगी और प्रोजेक्टों की तकमील की मुद्दत क्या होगी।

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