Monday , September 24 2018

आंध्र प्रदेश बेहतर रियासत : हुक्मरानी

मुल्क की कई बड़ी रियासतों से मुक़ाबला और रियासत में दरपेश हालात के बावजूद इंडिया टूडे ग्रुप ने आंध्र प्रदेश को रियासतों की रियासत मुक़ाबले में आंध्र प्रदेश को बेहतर रियासत हुक्मरानी क़रार दिया है।

मुल्क की कई बड़ी रियासतों से मुक़ाबला और रियासत में दरपेश हालात के बावजूद इंडिया टूडे ग्रुप ने आंध्र प्रदेश को रियासतों की रियासत मुक़ाबले में आंध्र प्रदेश को बेहतर रियासत हुक्मरानी क़रार दिया है।

रियासतों की रियासत स्टडी में इंडिया टूडे स्टडी ग्रुप की तरफ से हिंदुस्तान की मुख़्तलिफ़ रियासतों में अपने शहरियों को फ़राहम किए जाने वाले बहतरीन मवाक़े को नज़र में रखा जाता है।

ये स्टडी एक तरह से ये जायज़ा है कि कौनसी रियासत ने फ़राख़दिलाना पालिसीयों से ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा उठाया है और कौनसी रियासत पीछे रह गई है।

इस में एक मुक़र्ररा वक़्त में रियासत की कारकर्दगी का जायज़ा लिया जाता है और खासतौर पर पिछ्ले एक साल में होने वाली तब्दीलियों पर नज़र रखी जाती है।

इस स्टडी में कारोबारी माहौल और ज़िंदगी के मीआर पर भी नज़र रखी जाती है। जिन पहलूओं को नज़र में रखते हुए किसी रियासत को इस में सर फ़हरिस्त क़रार दिया जाता है इन में हुक्मरानी तालीम ज़राअत सेहत इंफ्रास्ट्रक्चर सरमाया कारी का माहौल सारफ़ीन की मार्किट और मेक्रो मईशत शामिल हैं।

चीफ मिनिस्टर के दफ़्तर से जारी करदा एक प्रेस नोट में कहा गया है कि पिछ्ले तीन साल में चीफ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी की क़ियादत में रियासती हुकूमत ने तरक़्क़ी की सिम्त सफ़र किया है और रियासत की हमा जहती तरक़्क़ी को यक़ीनी बनाने में कोई कसर बाक़ी नहीं रखी है।

रियासती हुकूमत ने तरक़्क़ी के फ़वाइद अवाम तक पहूँचाने को यक़ीनी बनाने के लिए जहां कई प्रोग्राम्स शुरू किए हैं वहीं अवाम की फ़लाह-ओ-बहबूद के लिए कई सकिमात का भी आग़ाज़ किया गया है।

प्रेस नोट में कहा गया है कि हुकूमत ने पसमांदा तबक़ात किसानों नौजवानों तलबा ख़वातीन और अक़लियतों की तरक़्क़ी को यक़ीनी बनाने मुस्तक़िल मिज़ाज से काम किया है।

आंध्र प्रदेश मुल्क की वो पहली रियासत है जिस ने एस सी एस टी सब प्लान को दस्तूरी मौक़िफ़ दिया है और लड़कियों की फ़लाह-ओ-बहबूद को नज़र में रखते हुए आंध्र प्रदेश बंगारू तली गर्ल चाइल्ड प्रोमोशन-ओ- एम्पावरमेंट एक्ट 2013 को मंज़ूरी दिलाई है। कहा गया है कि हुकूमत ने निगहदाशत सेहत और तालीम के फ़रोग़ को यक़ीनी बनाने बड़े पैमाने पर इक़दामात किए हैं और नौजवानों के लिए ख़ानगी और अवामी शोबा में रोज़गार के मवाक़े फ़राहम करने पर भी ख़ास तवज्जा दी गई है।

TOPPOPULARRECENT