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आईएसआईएस ने स्कूलों में Art & Music पर लगाई पाबंदी

आईएसआईएस ने इराकी शहर मोसुल के स्कूलों के लिए नया कोर्स जारी किया है। इस्लामिक स्टेट के फरमान के बाद स्कूलों में History, literature, art, music and personality development से मुताल्लिक सब्जेक्ट पर पाबंदी लगा दी गयी है।

आईएसआईएस ने इराकी शहर मोसुल के स्कूलों के लिए नया कोर्स जारी किया है। इस्लामिक स्टेट के फरमान के बाद स्कूलों में History, literature, art, music and personality development से मुताल्लिक सब्जेक्ट पर पाबंदी लगा दी गयी है।

एजूकेशन डिपार्टमेंट की तरफ से जारी दस्तावेज में इन पाबंदियों के बारे में मालूमात दी गई। इसे 30 साला मजहबी लीडर की अगुवाई में तैयार किया गया है। उन्होंने हिदायत दिया है कि सभी टीचर नए सेशन के लिए स्कूल लौटें, लेकिन उन्हें शरिया कोर्स के मुताबिक ही पढ़ाना होगा। नया कोर्स जारी करते कहा है कि सुन्नी इस्लाम के खिलाफ कोई भी सब्जेक्ट नहीं पढ़ाया जाएगा। इसमें ईसाई मज़हब और शिया की तालीम पर भी बैन लगाया गया है।

तंज़ीम ने सभी ईसाई स्कूलों के नाम बदलने का हुक्म दिया है। इराक की तारीख , अदबी और शकाफ्त ( History, literature and culture) से जुड़ी किसी भी चीज की तालीम को गैर-इस्लामी करार दिया गया है। इसके अलावा गैर‍ मज़हबी तराना गाना Blasphemy माना जाएगा।

आईएस ने तालीम से जुड़े नए नियमों में साइंस को पाबंदी से दूर रखा है। हालांकि साइंस की पढ़ाई में इस्लाम के खिलाफ कोई भी दलील शामिल नहीं किया जाएगा। नए कोर्स के मुताबिक बच्चों को ऐसी तालीम दो कि वो अल्लाह और इस्लाम के दुश्मनों को हरा सकें। नए कोर्स की मुखालिफत करते कई लोगों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने से मना कर दिया। कुछ मुकामी लोगों ने कहा कि नया कोर्स सिर्फ जहर भरने का काम करेगा। आईएस ने कहा है कि नियम न मानने वाले टीचरों और बच्चों को सज़ा दिया जाएगा।

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