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आईडीबीआई ने नियमों की अनदेखी कर विजय माल्या को दे दिया बड़ा लोन

नई दिल्ली। सीबीआई ने विजय माल्या से जुड़े लोन डिफॉल्ट मामले में चार्जशीट फाइल कर दी है। चार्जशीट में कहा गया है कि किंगफिशर एयरलाइंस ने लोन लेने के लिए बैंक को गलत जानकारी दी थी। सीबीआई के सूत्रों की मानें तो विजय माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइन्स को लोन देने में भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई।

किंगफिशर की खराब हालत और कमजोर क्रेडिट रेटिंग के बावजूद विजय माल्या को कर्ज दिया गया। आपको बता दें कि इस मामले में सीबीआई ने आईडीबीआई बैंक और किंगफिशर एयरलाइंस के आठ पूर्व अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन लोगों में आईडीबीआई बैंक के पूर्व सीएमडी योगेश अग्रवाल भी शामिल हैं।

सीबीआई सूत्रों के अनुसार, किंगफिशर की तरफ से 1 अक्टूबर 2009 को आईडीबीआई बैंक में 750 करोड़ रुपए के कॉरपोरेट लोन का आवेदन किया गया था। अभी यह 750 करोड़ रुपए के लोन का आवेदन लंबित ही था कि इसी दौरान विजय माल्या ने 150 करोड़ रुपए के कम अवधि के लोन को लेकर 6 अक्टूबर को आईडीबीआई बैंक के तत्कालीन प्रमुख योगेश अग्रवाल से मुलाकात की।

इस मुलाकात के बाद अगले ही दिन विजय माल्या की कंपनी किंगफिशर ने आधिकारिक रूप से लोन के लिए आवेदन कर दिया। इतना ही नहीं, विजय माल्या का यह लोन तत्काल ही मंजूर भी हो गया।

इसके बाद 4 नवंबर को फिर से एक कम अवधिक के लोन का आवेदन किया गया, जिसे उसी दिन मंजूरी मिल गई। वहीं दूसरी ओर माल्या द्वारा आवेदन किए गए 750 करोड़ रुपए के लोन पर क्रेडिट कमेटी बैठक भी करने वाली थी, जिसके लिए किंगफिशर के शेयर गिरवी रखने की शर्त भी थी।

लेकिन 10 नवंबर को माल्या ने किंगफिशर के सीएफओ रघुनाथन को एक मेल करके कहा कि शेयर गिरवी रखने की जरूरत नहीं है और उन्हें इस मामले में खुद ही आईडीबीआई बैंक के सीएमडी से बात कर ली है।

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