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आखिरी दौर में बचाव मुहिम, एक लाख से ज्यादा निकाले गए, अब बदरीनाथ की बारी

देहरादून, 28 जून: उत्तराखंड में तबाही से मुतास्सिर लोगों को बचाने का मुहिम आखिरी दौर में पहुंच चुका है। करीब एक लाख चार हजार लोगो निकाले जा चुके हैं लेकिन अभी भी हजारों आंखें सूनी हैं। सूना है घर जहां किसी की आमद का बेसब्री से इंतेज

देहरादून, 28 जून: उत्तराखंड में तबाही से मुतास्सिर लोगों को बचाने का मुहिम आखिरी दौर में पहुंच चुका है। करीब एक लाख चार हजार लोगो निकाले जा चुके हैं लेकिन अभी भी हजारों आंखें सूनी हैं। सूना है घर जहां किसी की आमद का बेसब्री से इंतेजार है।

तबाही में अपनो को गंवा चुके तमाम घरों में मातम फैला हुआ है । देहरादून के राहत के कैंपो में हाथ में फोटो लिए भटक रहे हजारों लोगों की आंखें भी उम्मीद की लौ खत्म होने की गवाही दे रही हैं। रियासती हुकूमत के पास अभी तक तीन हजार लोगों के लापता होने की इत्तेला ही पहुंची है।

फिलहाल उत्तराखंड में मौसम मेहरबान है। ऐसे में जुमे और और हफ्ते के दिन बचाव के खास दिन होंगे। गंगोत्री गए सभी अकीदतमंदो को जुमेरात के दिन निकाल लिया गया, अब बदरीनाथ में करीब तीन हजार लोग बचे हैं जिन्हें निकालकर उनके घर के लिए रवाना किया जाना है। पिथौरागढ़ में भी खतरनाक मुकामो पर फंसे कुछ सौ लोग निकालने को बाकी हैं।

वहां पर भी बादल फटा था और जुमेरात के दिन वहां ज़लज़ले के हल्के झटके भी महसूस किए गए। इसके इलावा रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के चार सौ से ज्यादा गांवों के लोगों का बुरा हाल है। गाँव वाले और उनके मवेशी तमाम तरह की मुसीबतों से जूझ रहे हैं।

लाशों के खराब होने से केदारनाथ इलाके का माहौल खराब हो गया है। महामारी के अंदेशे की वजह से हेल्थ डिपार्टमेंट ने इलाके के लोगों को नदी का पानी न पीने की हिदायत दी है। जुमेरात को भी नामालूम 15 लाशो के आखिरी रसूमात की खबर है।

गंगोत्री के नज़दीक वाकेए हर्षिल से कल सभी लोगों को निकाल लिया गया। इसी के साथ केदारनाथ, यमुनोत्री के बाद गंगोत्री धाम में फंसे अकीदतमंदो को निकाल लेने का सरकार दावा कर सकती है। मुतास्सिर इलाकों में रह-रहकर होती बारिश के बीच बदरीनाथ से जुमेरात को एक हजार लोग निकाले गए। वहां के लिए आज ( जुमे) को 14 हेलीकॉप्टर लगेंगे।

रेलवे ने जुमे से मुतास्सिर लोगों के लिए स्पेशल ट्रेन को बंद करने का फैसला किया है। 21 जून से मुतास्सिर लोगों के लिए रोज़ाना तीन ट्रेन चलाई जा रही थीं। अब सिर्फ ट्रेनों में ही एक्स्ट्रा कोच लगाकर मुसीबतज़दा लोगों को सहूलियत दी जाएगी।

BRO और Indo – Tibetan Border पुलिस के जवानों ने सड़कों को ठीक करने का काम जुमेरात के दिन भी जारी रखा। इस काम में रियासत की एजेंसियां भी सरगर्म हैं। जिसकी वजह से सड़क, बिजली, पानी और टेलीफोन की खिदमात बहाल हो रही हैं।

फौज ने इस दौर में अहम किरदार अदा की है।आर्मी चीफ जनरल बिक्रम सिंह जुमेके दिन जवानों की पीठ ठोंकने उत्तराखंड जा सकते हैं।

लापता लोगों की इत्तेला के लिए उत्तराखंड हुकूमत की तरफ से तशकील मिसिंग सेल के इंचार्ज अजय प्रद्योत ने इत्तेला दी कि अभी तक तकरीबन तीन हजार लोगों के लापता होने की इत्तेला मिली है।

उत्तर प्रदेश के मुखतलिफ शहरों से होकर बह रही गंगा और उसकी आसपास की नदियों से लावारिस लाशों का मिलना जारी है। पिछले 24 घंटों में दस लाशें और मिले हैं। माना जा रहा है कि ये लाशें उत्तराखंड की हैं, जो पानी के बहाव में बहकर आई हैं। इलाहाबाद में गंगा नदी से छह लाशें बरामद हुए हैं, जबकि मुजफ्फरनगर और हापुड़ से दो‍दो लाश मिले हैं। हाल के दिनों में इस तरह से कुल 26 लावारिस लाशें बरामद हो चुके हैं।

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