Monday , December 18 2017

आजलाना कारकर्दगी का मुज़ाहरा ज़रूरी : सुषमा स्वराज

वज़ीर-ए‍-ख़ारिजा सीनियर बी जे पी क़ाइद सुषमा स्वराज ने कहा कि अवाम की तवक़्क़ुआत पर पूरा उतरना मोदी हुकूमत केलिए एक बड़ा चैलेंज है क्योंकि जिन लोगों ने हमें बरसर‍-ए‍‍-इक़्तेदार लाया है उनकी कई आरज़ूऐं हैं और सब्र-ओ-तहम्मुल बिलकुल नह

वज़ीर-ए‍-ख़ारिजा सीनियर बी जे पी क़ाइद सुषमा स्वराज ने कहा कि अवाम की तवक़्क़ुआत पर पूरा उतरना मोदी हुकूमत केलिए एक बड़ा चैलेंज है क्योंकि जिन लोगों ने हमें बरसर‍-ए‍‍-इक़्तेदार लाया है उनकी कई आरज़ूऐं हैं और सब्र-ओ-तहम्मुल बिलकुल नहीं है इस लिए हमें आजलाना कारकर्दगी का मुज़ाहरा करते हुए नताइज बरामद करने चाहिए।

उन्होंने कहा कि वो हमेशा से कहती आरही हैं कि जितने ज़्यादा वोट हासिल होंगे इतनी ज़्यादा ज़िम्मेदारी भी आइद होगी। गुज़िशता 10साल से हम मंतक़ी नतीजे पर पहुंचने की जद्द-ओ-जहद कररहे हैं और हमारे लिए अवाम की तवक़्क़ुआत पर पूरा उतरना एक बड़ा चैलेंज है।

उन्होंने वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने उमोरख़ारिजा का अहम क़लमदान उन के सपुर्द किया है। हालाँकि आम तौर पर ख़वातीन को ग़ैर अहम क़लमदान दिया जाता था। मोदी ने उन्हें मुल्क की पहली ख़ातून वज़ीर-ए‍-ख़ारिजा बना दिया है।

इराक़ में तशद्दुद के जाल में फंसे हुए हिन्दुस्तानियों को वतन वापिस लाने में उनकी कामयाबी का तज़किरा करते हुए सुषमा ने कहा कि इराक़ से चार हज़ार हिन्दुस्तानियों बिशमोल नर्सेस और नियम तिब्बी अमला को हिन्दुस्तान वापिस लाया गया है। उन्होंने ख़ातून कारकुनों से ग्रुपस तशकील देने और वुज़रा को उनके तैक़ूनात याद दिलाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया ताकि उन तैक़ूनात की आजलाना तकमील होसके।

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