Wednesday , December 13 2017

आज़मीन-ए-हज के कोटा में इज़ाफ़ा के लिए वज़ीर-ए-आला ( मुख्य मंत्री) अखिलेश यादव का मर्कज़ को मकतूब

उत्तर प्रदेश के नए वज़ीर-ए-आला (मुख्य मंत्री) अखिलेश यादव ने आज यहां लखनऊ में मुनाक़िदा आज़मीन-ए-हज की क़ुरआ अंदाज़ी की तक़रीब के मौक़ा पर शिकवा किया कि मर्कज़ी हुकूमत ने उत्तर प्रदेश के आज़मीन-ए-हज की तादाद को देखते हुए उन के कोटा में इज़

उत्तर प्रदेश के नए वज़ीर-ए-आला (मुख्य मंत्री) अखिलेश यादव ने आज यहां लखनऊ में मुनाक़िदा आज़मीन-ए-हज की क़ुरआ अंदाज़ी की तक़रीब के मौक़ा पर शिकवा किया कि मर्कज़ी हुकूमत ने उत्तर प्रदेश के आज़मीन-ए-हज की तादाद को देखते हुए उन के कोटा में इज़ाफ़ा के बजाय कटौती कर दी जिस की बिना पर क़ुरआ अंदाज़ी करानी पड़ रही है ।

उन्होंने कहा कि वो आज़मीन-ए-हज के कोटा को बढ़ाने के लिए मर्कज़ी हुकूमत से रुजू करेंगे और इस सिलसिला में वो वज़ीर-ए-आज़म ( (मुख्य मंत्री) डाक्टर मनमोहन सिंह को मकतूब ( पत्र) लिखेंगे । उन्हों ने कहा कि दारानी-ओ-दीगर मुक़ामात पर आज़मीन-ए-हज की सहूलयात के लिए हज हाउस तामीर करवायेंगे । इस मौक़ा पर वज़ीर औक़ाफ़-ओ-हज-ओ-अक़ल्लीयती उमोर मिस्टर मुहम्मद आज़म ख़ान के साथ मिल कर वज़ीर-ए-आला अखिलेश यादव ने क़ुरआ अंदाज़ी की मशीन चलाई ।

क़ुरआ अंदाज़ी की तक़रीब का आग़ाज़ वज़ीर-ए-आला अखिलेश यादव की मौजूदगी में तिलावत कलाम पाक से हुआ । क़ुरआ अंदाज़ी की तक़रीब में अखिलेश यादव बेहद ख़ुश नज़र आ रहे थे तक़रीब में सरकर्दा उल्मा-ओ-मशाइख़ वग़ैरा मौजूद थे । क़ुरआ अंदाज़ी की तक़रीब के मौक़ा पर आज़म ख़ान ने कहा कि इन की हुकूमत आज़मीन-ए-हज को हर मुम्किन सहूलयात-ओ-मुराआत दिलाएगी ।

उन्हों ने मर्कज़ी हुकूमत की जानिब से हज के कोटा में कटौती किए जाने पर नुक़्ता चीनी करते हुए इसे कांग्रेस की एक और मुस्लिम दुश्मनी बताया । इस तक़रीब के बाद वज़ीर-ए-आला अखिलेश यादव ने साफ़ तौर पर अख़बार नवीसियों से कहा कि साबिक़ (पूर्व) वज़ीर‍ ए‍ आला ( मुख्य मंत्री) मायावती के दौर-ए-हकूमत में बे शुमार घपले सामने आए हैं ।

साबिक़ वज़ीर जो मायावती के दौर-ए-हकूमत में बदउनवानीयों बेईमानियों के मुतअद्दिद मुआमलात में मुलव्वस रहे हैं उन की जांच कर रहे हैं और कई साबिक़ वुज़रा की जांच कर रहे हैं । ऐसे में इन की हुकूमत मायावती के दौर-ए-हकूमत के तमाम घपलों की जांच के लिए एक मुशतर्का तहक़ीक़ाती कमीशन बनाने पर ग़ौर कर रही है ।

अखिलेश यादव के ऐलान से ये साफ़ हो गया है कि अब उत्तर प्रदेश में साबिक़ वज़ीर-ए-आला मायावती पर क़ानूनी शिकंजा कसने की तैयारी ज़ोरों पर है । दूसरी तरफ़ बी एस पी भी दलितों को बेइज़्ज़त करने दुहाई दे कर समाजवादी पार्टी से दो दो हाथ करने की तैयारी में है ।

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