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आज़ाद के दौरे से किरन हुकूमत के मसाइल में अज़ाफ़ा मुम्किन

हैदराबाद 8 जनवरी (सियासत न्यूज़ ) ए आई सी सी जनरल सैक्रेटरी-ओ-इंचार्ज आंधरा प्रदेश ग़ुलाम नबी आज़ाद के दौरा आंधरा प्रदेश ने चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी की मुश्किलात में अज़ाफ़ा कर दिया है । इस दौरा से पार्टी क़ाइदीन और कारकुन

हैदराबाद 8 जनवरी (सियासत न्यूज़ ) ए आई सी सी जनरल सैक्रेटरी-ओ-इंचार्ज आंधरा प्रदेश ग़ुलाम नबी आज़ाद के दौरा आंधरा प्रदेश ने चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी की मुश्किलात में अज़ाफ़ा कर दिया है । इस दौरा से पार्टी क़ाइदीन और कारकुनों में जोश-ओ-ख़ुरोश पैदा करने में नाकामी हुई तो दूसरी तरफ़ कांग्रेस पार्टी एक मुंतशिर घर की हैसियत से अवाम के सामने आई है । ग़ुलाम नबी आज़ाद को ख़ुद भी अपने दो रोज़ा दौरा के मौक़ा पर क़ाइदीन और कारकुनों में जोश-ओ-ख़ुरोश की कमी पर मायूसी हुई ।

क्योंकि साबिक़ में जब भी उन्हों ने रियासत का दौरा किया था पार्टी क़ाइदीन और कारकुन उन से मुलाक़ात केलिए उमड पड़ते थे लेकिन इस मर्तबा उन्हें मुलाक़ात करने वालों का इंतिज़ार करना पड़ा । इस दौरा से पार्टी में अंदरूनी इख़तिलाफ़ात खुल कर सामने आगई है और गुज़शता 7 बरसों से ना इंसाफ़ी का शिकार क़ाइदीन और कारकुनों ने इस दौरा को कोई एहमीयत नहीं दी । जब कभी आंधरा प्रदेश के इंचार्ज हैदराबाद का दौरा करते शहर में जगह जगह उन के ख़ैर मुक़द्दमी कट आउट्स ,बयानरस और पोस्टर्स लगाए जाते थे ।

गांधी भवन के रास्ते पर ख़ैर मुक़द्दमी कमानें नसब की जाती और इस काम में शहर के वुज़रा और अवामी नुमाइंदों में मुसाबक़त देखी जाती लेकिन इस मर्तबा इस तरह का कोई जज़बा नहीं देखा गया । पोस्टर्स बयानरस और कट आउट्स केलिए शौहरत रखने वाले शहर के एक वज़ीरभी इस मर्तबा दूर दूर नज़र आरहे थे । ग़ुलाम नबी आज़ाद से लीक वेव गेस्ट हाइज़ में सिर्फ चंद वुज़रा और सीनीयर क़ाइदीन ने मुलाक़ात की ।

जबकि गांधी भवन पर भी कोई हुजूम देखा नहीं गया । जिन क़ाइदीन ने भी मुलाक़ात की वो अपने साथ ख़ाहिशात की फ़हरिस्त लाए थे कि उन्हें पार्टी या सरकारी नामज़द ओहदों पर फ़ाइज़ किया जाय । ग़ुलाम नबी आज़ाद के इस दौरा ने करण कुमार रेड्डी के लिए मसाइल में अज़ाफ़ा करदिया है बताया जाता है कि ग़ुलाम नबी आज़ाद ने भी हुकूमत की कारकर्दगी और हुकूमत पर चीफ़ मिनिस्टर की कमज़ोर गिरिफ़त पर नाराज़गी का इज़हार किया है।

इस दौरा में दिलचस्प बात तो ये थी कि अलहदा तेलंगाना केलिए जद्द-ओ-जहद का दावे करने वाले कांग्रेस क़ाइदीन यकसर ख़ामोश थे ।ग़ुलाम नबी आज़ाद के हैदराबाद में दो दिन क़ियाम के बावजूद तेलंगाना वुज़रा अरकान-ए-पार्लीमैंट या अरकान असम्बली में से किसी ने भी वफ़द की शक्ल में तेलंगाना मसला पर नुमाइंदगी नहीं की ।

कांग्रेस के ये क़ाइदीन हाईकमान से नुमाइंदगी केलिए बारहा दिल्ली जाने का ऐलानात तो करते हैं लेकिन जब ख़ुद कांग्रेस आली कमान कानुमाइंदा हैदराबाद में मौजूद था उस वक़्त मसला तेलंगाना को भुला दिया गया।तेलंगाना जवाइंट ऐक्शण कमेटी और दूसरी तेलंगाना तंज़ीमों मेंसे किसी ने भी अलहदा तेलंगाना मसला को इस दौरा में मौज़ू बेहस नहीं बनाया ।तेलंगाना अवाम ने ग़ुलाम नबी आज़ाद के दौरा के मौक़ा पर कांग्रेस के तेलंगाना क़ाइदीन की ख़ामोशी को शिद्दत के साथ महसूस किया है ।

बताया जाता है कि आज़ाद के दौरा की नाकामी की एक अहम वजह ये है कि वुज़राऔर अवामी नुमाइंदों को दौरा के प्रोग्राम से बाक़ायदा तौर पर वाक़िफ़ नहीं किराया गया। जिस के बाइस कई वुज़रा अरकान-ए-पार्लीमैंट और अरकान असम्बली अपने मुताल्लिक़ा अज़ला में ही मसरूफ़ रहे । ग़ुलाम नबी आज़ाद का भी यही एहसास था कि अगर कांग्रेस में मौजूदा सूरत-ए-हाल बरक़रार रही तो ये 2014 केलिए ख़ुश आइंद साबित नहीं होगी।

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