आजादी के 70 साल बाद भी तस्वीर नहीं बदली : ब्याज नहीं देने पर साहूकार ने दलित को लात-घूसों से जमकर पीटा

आजादी के 70 साल बाद भी तस्वीर नहीं बदली : ब्याज नहीं देने पर साहूकार ने दलित को लात-घूसों से जमकर पीटा
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मुजफ्फरनगर: आजादी के 70 साल बाद देश की तस्वीर नहीं बदली है. आज भी गरीब मजदूर और किसान पर साहूकारों का जुल्मों सितम बदस्तूर जारी है. बेजुबान बेबस मजदूर जानवर की तरह अपमान के घूंट सिसक- सिसक कर पी रहा है. भारत में पिछले कुछ समय में दलितों और ऊंची जातियों के बीच तनाव बढ़ा है. हालांकि सरकारें अलग अलग समय पर दलितों के उत्थान के लिए कदम उठाती रही हैं. अब तो राष्ट्रपति भी दलित ही है. आज़ादी के 70 साल बाद भी अब तक दलित देश की मुख्यधारा में क्यों नहीं आ पाए हैं.

मुजफ्फरनगर में ब्याज पर पैसा चलाने वाले एक साहूकार ने एक गरीब दलित कर्जदार को पांच हजार कर्ज न चुकाने पर सैंडिल और लात घूसों से जमकर उसकी पिटाई की. इतना ही नहीं उसका वीडियो भी बनवाया और दूसरे कर्जदारों को डराने के लिए इस वीडियो को सोशल साइट पर डलवा दिया. पुलिस ने साहूकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

बताया जा रहा है कि मुजफ्फरनगर के पलडा गांव के कुम्हार संजीव ने बेटी की शादी के लिए साहुकार रनपाल उर्फ काला से 50,000 रुपये उधार लिए थे. संजीव का कहना है कि उसने 80,000 रुपये साहुकार को लौटा दिए. लेकिन इस संबंध में साहुकार का कहना था कि 5,000 रुपये अभी बचे रह गए थे, जो ब्याज लगाकर 37,000 हो गया. तब गांव वालों ने इस मामले में दखल देकर यह तय करवा दिया कि संजीव से साहूकार 80,000 रुपये लेकर उसका खाता बंद कर देगा.

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