Thursday , December 14 2017

आज आलमी यौम मुख़ालिफ़ बच्चा मज़दूरी(anti child labour day), बेअर कार्प साईंस की जानिब से तालीम और रोज़गार के प्रोग्राम्स

कल 12 जून को सारी दुनिया में मुख़ालिफ़ बच्चा मज़दूरी दिन मनाया जाता है लेकिन बच्चा मज़दूरी मुख़्तलिफ़ अक़्वाम में फैलने के इलावा उस की जड़ें सारी दुनिया में मज़बूत हो चुकी हैं।

कल 12 जून को सारी दुनिया में मुख़ालिफ़ बच्चा मज़दूरी दिन मनाया जाता है लेकिन बच्चा मज़दूरी मुख़्तलिफ़ अक़्वाम में फैलने के इलावा उस की जड़ें सारी दुनिया में मज़बूत हो चुकी हैं।

यूनाईटेड नेशन इंटरनैशनल चिल्ड्रंस एमरजैंसी फ़ंड (यूनीसेफ) ने तख़मीना लगाया है कि 5 ता 14 साल की उम्र की 158 मिलयन मासूम जानें बचा मज़दूरी में मुलव्वस(शामिल) हैं या अगर यूं कहा जाय कि हर 6 बच्चों में एक बच्चा मज़दूरी करता है तो ये आदाद-ओ-शुमार सही साबित होते हैं।

दरीं असना (इसी दौरान)लातीनी अमरीका, अफ़्रीक़ा और एशिया में ग़रीब ख़ानदानों के ज़्यादा तर बच्चे बच्चा मज़दूरी में गिरफ़्तार हैं और वो बचपन में स्कूली तालीम से महरूम हो रहे हैं जिन्हें बेहतर ज़िंदगी गुज़ारने के इलावा बेहतर कैरीयर से भी महरूम होना पड़ रहा है।

1989 में यूनाईटेड नेशन ने हुक़ूक़ इतफ़ाल के ज़िमन(के बारे) में एक इक़दाम करते हुए सारी दुनिया में बच्चों के हुक़ूक़ की हिफ़ाज़त के लिए तमाम हुकूमतों और अक़्वाम से मुतालिबा किया है

जिस के बाद 190 से ज़ाइद ममालिक ने बच्चा मज़दूरी के इंसिदाद (ख़त्म करने) के लिए इक़दामात करने के इलावा सख़्त क़वानीन भी बनाए हैं और इस के बावजूद बच्चों से मज़दूरी करवाने वाले ख़ातियों के ख़िलाफ़ सख़्त फ़ैसले भी किए जा रहे हैं लेकिन इस के बावजूद भी कई एसे ममालिक हैं जहां बच्चा मज़दूरी एक आम लानत है।

बच्चा मज़दूरी और हिंदूस्तान का मुताला किया जाय तो यहां रिवायती तौर पर शोबा-ए-ज़राअत (खेती बाडी)में ख़ुसूसन बच्चा मज़दूरी के ज़्यादा मिसालें मिलती हैं। दरीं असना (इसी दौरान)बेअर क्राप साईंस ने ना सिर्फ बच्चा मज़दूरी के इंसिदाद (ख़त्म करने) के लिए इक़दामात किए हैं बल्कि शोबा-ए-ज़राअत में इन बच्चों की तालीम का इंतिज़ाम करते हुए ना सिर्फ उन्हें तालीम के बुनियादी हुक़ूक़ फ़राहम कर रहे हैं

बल्कि ज़राअत (खेती बाडी)के शोबा को तालीमी याफ़ता अफ़राद भी फ़राहम किए जा रहे हैं जिस से ना सिर्फ एक जानिब बच्चा मज़दूरी की रोक थाम मुम्किन हो सकेगी तो दूसरी जानिब बच्चों को तालीम के ज़ेवर से आरास्ता करते हुए ज़राअत को तालीम-ए-याफ़ता अफ़राद फ़राहम किए जाएं।

बेअर क्राप साईंस ने डिसमबर 2008-ए-को जो प्रोजेक्ट इंट्रोडक्शन टू बेसिक टैक्नालोजी मुतआरिफ़ किया है इस के ज़रीया कई बच्चों को ख़ुसूसन जुनूबी हिंदूस्तान की रियास्तों कर्नाटक और आंधरा प्रदेश में तालीम के साथ ज़राअत को बेहतर बनाने के इक़दामात भी किए गए हैं।

हैदराबाद में जनवरी 2008-को एक मर्कज़ क़ायम किया गया है जबकि मजमूई तौर पर इस अहम प्रोग्राम के ज़रीया 3400 बच्चे फ़ायदा उठा रहे हैं।

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