Saturday , December 16 2017

आज दिल्ली में किसान रैली, राहुल गांधी मर्कज़ तवज्जे

नई दिल्ली

नई दिल्ली

नायब सदर कांग्रेस राहुल गांधी तक़रीबन दो महीने की ग़ैर हाज़िरी के बाद आज अवाम के सामने पेश हुए और मुख़्तलिफ़ रियासतों से ताल्लुक़ रखने वाले किसानों से मुलाक़ात की। उन्होंने कांग्रेस की जानिब से दिल्ली में कल मुनाक़िद की जा रही किसान रैली से एक दिन क़ब्ल किसानों से उनकी राय हासिल की।

नरेंद्र मोदी हुकूमत ने पेशरू यू पी ए हुकूमत की जानिब से मुतआरिफ़ करदा अराज़ी क़ानून में तब्दीली की है। राहुल गांधी ने इस ज़िमन में किसानों की राय हासिल की। इस मौक़े पर उनके हमराह राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सरबराह सचिन पाइलेट भी थे जिन्होंने उत्तरप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और मध्य प्रदेश के किसानों के वफ़ूद से मुलाक़ात की।

उन्होंने अपनी रिहायश गाह पर दीगर किसानों के नुमाइंदा ग्रुप्स से भी मुशावरत की। कांग्रेस नायब सदर तवक़्क़ो है कि कल मुतनाज़ा अराज़ी बिल के ख़िलाफ़ किसान रैली की क़ियादत करेंगे। वो इस रैली को ख़िताब करने वाले हैं। लोक सभा इंतेख़ाबात के बाद जिस में कांग्रेस ने इंतिहाई नाक़िस मुज़ाहरा किया था, राहुल गांधी की क़ाइदाना सलाहीयतों पर तन्क़ीदें की जा रही थीं और इस पस-ए-मंज़र में कल की रैली को नुमायां एहमीयत हासिल है।

कल की ये रैली तारीख़ी होगी जिस में मुल्क भर से लाखों किसान दिल्ली में जमा होंगे और बी जे पी हुकूमत की नाकामियों को बेनकाब किया जाएगा। किसानों का ये मौक़िफ़ है कि आराज़ीयात बिल का मक़सद चंद अफ़राद को फ़ायदा पहुंचाना है और इस बिल के ज़रिए हुकूमत किसानों के साथ धोका दही कररही है।

बी जे पी साज़िश के तहत छोटे किसानों की आराज़ीयात हासिल करना चाहती है। पार्टी के सीनियर लीडर ने बताया कि राहुल गांधी इस रैली से ख़िताब के अलावा लोक सभा में भी इस मुतनाज़ा बिल के बारे में बात करेंगे। तवक़्क़ो है कि वो पीर से शुरू होरहे बजट सैशन के दूसरे हिस्सा में शरीक होंगे।

राहुल गांधी की तवील सियासी रुख़स्त के बाद इतवार को होने वाली ये रैली उनकी पहली अवामी सरगर्मी होगी। आज भट्टा पर सिवल देहात के किसानों के वफ़द ने भी राहुल गांधी से मुलाक़ात की। याद रहे कि 2011 में उन्होंने किसानों की अराज़ी ज़बरदस्ती हासिल करने के ख़िलाफ़ यहीं से अपनी पदयात्रा शुरू की थी।

इस एहतेजाज के नतीजे में अराज़ी हुसूल में शफ़्फ़ाफ़ियत और ख़ातिरख़वाह मुआवज़े के अलावा बाज़ आबादकारी और अज़सर-ए-नौ आबादकारी के हक़ से मुताल्लिक़ बिल 2013की मंज़ूरी अमल में आई थी। लोक सभा इंतेख़ाबात में पार्टी के नाक़िस मुज़ाहरा के बाद राहुल गांधी ने अमली सियासत से आरिज़ी तौर पर रुख़स्त हासिल करली थी और उन्होंने पार्लियामेंट के जारी बजट सैशन में भी हिस्सा नहीं लिया था।

उनकी ग़ैर हाज़िरी पर सियासी हलक़ों में मुख़्तलिफ़ क़ियास आराईयां की जा रही थीं हालाँकि उन्होंने ग़ैर हाज़िरी की इत्तेला पार्टी सदर को दी थी। राहुल गांधी ने रुख़स्त ख़त्म होने के बाद फिर एक बार पार्टी सरगर्मीयों में हिस्सा लेना शुरू कर दिया है।

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