Monday , December 11 2017

आज मुल्क गैर आम हड़ताल

मर्कज़ी हुकूमत की मुख़ालिफ़ लेबर पालिसीयों बढ़ती हुई कीमतों और अवामी शोबा की सनअतों में सरमाया निकासी के ख़िलाफ़ मुल़्क की तक़रीबा तमाम बड़ी यूनियनों की अपील पर कल मुल्क भर में आम हड़ताल का एहतिमाम किया जा रहा है और इस दौरान बैंकिंग इंश्य

मर्कज़ी हुकूमत की मुख़ालिफ़ लेबर पालिसीयों बढ़ती हुई कीमतों और अवामी शोबा की सनअतों में सरमाया निकासी के ख़िलाफ़ मुल़्क की तक़रीबा तमाम बड़ी यूनियनों की अपील पर कल मुल्क भर में आम हड़ताल का एहतिमाम किया जा रहा है और इस दौरान बैंकिंग इंश्योरेंस और सनअती हलक़ा की सरगर्मियां मुतास्सिर होने का अंदेशा है ।

यूनीयन क़ाइदीन ने अपील से दस्तबरदार हो जाने की अपीलों को मुस्तर्द कर दिया है और कहा कि मुल़्क की तक़रीबा तमाम बड़ी ट्रेड यूनियनों बिशमोल कांग्रेस से ताल्लुक़ रखने वाली आई एन टी यू सी शिवसेना की ताईद वाली भारतीय कामगार सेना और यू पी ए की हलीम इंडियन यूनीयन मुस्लिम लीग की ताईद वाली एस टी यू ने भी हड़ताल की ताईद की है और सभी तनज़ीमें हड़ताल को कामयाब बनाने की कोशिश करेंगी ।

ए आई टी यू सी के जनरल सेक्रेटरी मिस्टर गुरूदास दास गुप्ता ने कहा कि ये एक तारीख़ी मौक़ा है की उनका ये बिलकुल पहली मर्तबा है जब तमाम बड़ी ट्रेड यूनियनें अपने सयासी उल-हाक़ से बालातर होते हुए हुकूमत की मुख़ालिफ़ लेबर पालिसीयों के ख़िलाफ़ एहतिजाज कर रही हैं और इस आम हड़ताल को कामयाब बनाने का मंसूबा रखती हैं।

मिस्टर दास गुप्ता ने खासतौर पर आई एन टी यू सी के सदर जी संजीवा रेड्डी की सताइश की और कहा कि वो हुकूमत की पालिसीयों के ख़िलाफ़ जद्द-ओ-जहद में मुस्तक़िल शामिल रहे हैं। यूनीयन क़ाइदीन का इद्दिआ है कि मुल्क भर की तके रुबा 5,000 छोटी यूनियनों ने भी इस हड़ताल की ताईद का फैसला किया है ।

हुकूमत ने गुज़श्ता हफ़्ता ट्रेड यूनियनों से अपील की थी कि वो हड़ताल का रास्ता इख्तेयार करने से गुरेज़ करें। वज़ीर लेबर मिस्टर मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि वो लेबर से मुताल्लिक़ मसाइल पर किसी भी वक़्त उन यूनियनों के साथ तबादला ख़्याल करने वक् तैयार हैं। मर्कज़ी हुकूमत की इस अपील को मुस्तर्द करते हुए मिस्टर गुरूदास दास गुप्ता ने कहा कि हम हुकूमत के इस रस्मी ब्यान पर ग़ौर करने तैयार नहीं हैं ।

हुकूमत संजीदा नहीं है और सिर्फ एक ज़िम्मेदारी की तकमील के लिए ऐसा कर रही है । मिस्टर गुप्ता ने इद्दिआ किया कि हुकूमत को पहले काफ़ी मौक़ा दिया गया कि वो ट्रेड यूनियनों से बात चीत करे लेकिन इसने एसा करने से गुरेज़ किया है । इन यूनियनों का मुतालिबा है कि हुकूमत सरकारी काम काज को कौंट्रेक़्ट बुनियादों पर ना करवाए अक़ल्ल तरीन उजरत से मुताल्लिक़ क़ानून में तरमीम करे सभी को पेंशन की फ़राहमी को यक़ीनी बनाए और ट्रेड यूनियनों के लाज़िमी रजिस्ट्रेशन को यक़ीनी बनाए ।

हुकूमत की जानिब से आम हड़ताल को देखते हुए दीगर मुतबादिल इक़दामात भी किए जा रहे हैं।

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