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आज 11-12-13 हज़ार साल बाद इआदा होगा

आज तारीख 11 - 12 - 13 है। आज सदी के तेरहवीं साल के बारहवीं महीने की ग्यारह तारीख है। ये एक एसी यादगार तारीख है जो बजाय ख़ुद तारीख़ी अहमियत की हामिल कही जा सकती है।

आज तारीख 11 – 12 – 13 है। आज सदी के तेरहवीं साल के बारहवीं महीने की ग्यारह तारीख है। ये एक एसी यादगार तारीख है जो बजाय ख़ुद तारीख़ी अहमियत की हामिल कही जा सकती है।

आज के दिन को यादगार बनाने के लिए बेशुमार जोड़े शादी का मंसूबे रखते हैं। इसके अलावा दवाख़ानों में भी हामिला ख़वातीन की ज़चगी के लिए बड़े पैमाने पर त्यारियां किए जाने की इत्तेलाआत हैं।

आज की तारीख इस एतेबार से भी अहमियत की हामिल है क्यूंकि अब उस तारीख का इआदा चंद बरस यह चंद सौ बरस बाद नहीं बल्कि पूरे एक हज़ार साल बाद मुम्किन होसकेगा।

उस तारीख की अहमियत को देखते हुए कई जोड़ों ने अपनी शादियों की तारीख को या तो आगे बढ़ा दिया था यह कुछ पीछे करते हुए आज के दिन रिश्ता-ए-इज़दवाज में बंधना चाहते हैं। बाअज़ जोड़ों का कहना है कि चूँकि ये तारीख याद रखने में भी आसान है और उस तारीख को मुनफ़रद होने का भी एज़ाज़ है इस लिए उन्होंने शादी के लिए इस का इंतिख़ाब किया है।

कुछ जोड़ों ने अपने बच्चों की पैदाइश के लिए भी उस तारीख को मुंतख़ब किया है। कहा गया है कि जिन जोड़ों के हाँ एक या दो दिन के बाद बच्चे की पैदाइश का इमकान है उन्होंने 11 दिसमबर 2013 को बच्चे की पैदाइश को यक़ीनी बनाने की ख़ाहिश की है।

बाअज़ मुक़ामात पर कुछ डॉक्टर्स और दवाख़ानों ने इस दरख़ास्त को कुबूल किया है तो कुछ डॉक्टर्स और दवाख़ानों ने इस ख़तरा को मूल लेने से इनकार किया है।

मालूम हुआ है के कुछ जोड़ों ने इस यादगार तारीख को शादी करने के लिए अपने शैडूलस में छः छः माह तक का इंतेज़ार करना गवारा करलिया है। एक जोड़े की शादी छः माह पहले मुक़र्रर थी लेकिन उन्होंने वालिदेन से ख़ाहिश करके 11 – 12 – 13 तक के लिए मुल्तवी करवा दिया था और वो आज रिश्ता-ए-इज़दवाज में बंध जाएंगे।

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