Friday , November 24 2017
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नेशनल किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप जीत चुकी तजमुल इस्लाम का कश्मीर घाटी में जोरदार स्वागत

श्रीनगर : बीते चार माह से हिंसा के शिकार कश्मीर को आठ साल की एक लड़की ने खुशियां दी हैं। घाटी की छोटी बच्ची वल्र्ड सब-जूनियर किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल हासिल कर विश्व चैम्पियन बनी है। रविवार को उसके स्वागत में घाटी में जश्न मनाया गया है। इस लड़की का नाम तजामुल इस्लाम है। वह दूसरी कक्षा की छात्रा है। बांदीपुरा जिले की इस लड़की ने पिछले सप्ताह इटली में हुई वल्र्ड सब-जूनियर किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप अपने नाम की। अहम बात यह है कि सेना ने उसे ट्रेनिंग दी थी। खैर, रविवार को जब वो जीत के बाद घाटी आई तो हर कोई उसके स्वागत में फूलों की माला लेकर सड़क पर था। बकौल तजामुल, इटली जाने से पहले मैं बहुत नर्वस थी। कोच ने मेरा हौसला बढ़ाया। शुरुआत में मैं डरी हुई थी।इसके बाद मैंने कश्मीर, भारत और अल्लाह का ध्यान किया और मैं जीत गई। बता दें कि आठ साल की तजामुल इस्लाम ने 2015 में नई दिल्ली में आयोजित हुई नेशनल किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप के सब-जूनियर वर्ग में गोल्ड मेडल हासिल किया था।

पिता बोले, ‘कश्मीर के चेहरे पर मुस्कुराहट लौटाई’एक निजी कंपनी में बतौर ड्राइवर काम करने वाले तजामुल के पिता गुलाम मोहम्मद लोन ने कहा कि तजामुल एक शानदार छात्र है। पिता ने कहा कि मैं दो बातों को लेकर खुश हूं। वो जीत गई और इस जीत से उसने कश्मीर के चेहरे पर मुस्कुराहट लौटाई है। बता दें कि किकबॉक्सिंग कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है। इस खेल में बॉक्सिंग और किक का मेल है। इस खेल में एक तेज किक का सामना करने के लिए भी तैयार रहना पड़ता है।

90 देशों को मात दी ऐसा नहीं है कि तजामुल इस्लाम नामक इस लड़की ने किन्हीं छोटे-मोटे देशों को हरा कर यह तमगा हासिल किया हो। इस मुकाबले में कुल 90 देश शामिल थे। प्रतियोगिता 05 दिनों तक चली। इसमें उन्होंने 6 मैच जीते। बेहतरीन किकबॉक्सिंग संसाधन न होने के बावजूद वह गोल्ड जीत गई हैं। जीत का श्रेय परिवार और आर्मी को तजामुल भले ही उम्र में इतनी छोटी हों लेकिन वह इस बात को बखूबी समझती हैं कि कश्मीर की परिस्थितियों को सामान्य बनाने में आर्मी की क्या भूमिका है। वह अपने इस जीत का श्रेय अपने परिवार और इंडियन आर्मी को देती है। उसके पिता एक ड्राइवर हैं। वह आर्मी गुडविल स्कूल की स्टूडेंट है और इंडियन आर्मी की देखरेख में पूरे सप्ताह में 25 घंटे तक प्रैक्टिस करती है।

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