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आडवाणी को गिरफ्तार करनेवाले व होम सेक्रटरी रहने के दौरान कसाब व अफजल गुरु को फांसी दिलवानेवाला बना मोदी के मंत्री

नई दिल्ली : आर के सिंह हैं जिन्होंने साल 1990 में एल के आडवाणी को बिहार के समस्तीपुर में गिरफ्तार कर लिया था।  64 वर्षीय सिंह का नाम 1990 में उस समय सुर्खियों में आया था, जब बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने उन्हें बीजेपी के कद्दावर नेता एल के आडवाणी को समस्तीपुर में गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी थी। आडवाणी उस समय सोमनाथ से अयोध्या की अपनी रथयात्रा पर थे।

आर के सिंह के होम सेक्रटरी रहने के दौरान ही मुंबई आतंकवादी हमलों के दोषी अजमल कसाब और संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दी गई थी। होम सेक्रटरी के तौर पर उन्हें मालेगांव और समझौता एक्सप्रेस में विस्फोटों के कथित भगवा आतंकवाद के मामलों की जांच की निगरानी की थी। वह इनके कुछ संदिग्धों के नाम सार्वजनिक करने के कारण विवाद में भी फंसे थे।

पूर्व होम सेक्रेटरी और बिहार के आरा से लोकसभा सांसद आर के सिंह आईएएस ऑफिसर के तौर पर उनका लगभग चार दशक का बहुत अच्छा करियर रहा है। वह 2013 में राजनीति में आए थे।

केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार में आर के सिंह को स्वतंत्र प्रभार का बिजली राज्य मंत्री बनाया गया। उनके पास नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के राज्य मंत्री का स्वतंत्र प्रभार भी होगा।

 1975 बैच के आईएएस ऑफिसर सिंह अपनी रिटायरमेंट के बाद 2013 में बीजेपी में शामिल हुए थे।

वह बिहार के साथ ही केंद्र में भी कई पदों पर रह चुके हैं। इनमें यूपीए सरकार में रक्षा उत्पादन के सचिव, आडवाणी के गृह मंत्री रहने के दौरान मंत्रालय में संयुक्त सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। उन्होंने 2014 में आरा से लोकसभा चुनाव जीता था। उन्हें पुलिस और जेलों के आधुनिकीकरण की योजनाओं में उनके योगदान के लिए जाना जाता है।

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