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आडवाणी पर ‘मंदिर तोड़ने’ का केस करेगी हिन्दू महासभा

imageअयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने के 23 साल बाद हिंदू महासभा पूर्व उप प्रधानमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ ‘राम मंदिर तोड़ने’ का केस करने की तैयारी कर रही है। संगठन का कहना है कि बाबरी मस्जिद के गुंबद के नीचे रामलला की मूर्ति थी। उस ढांचे को तोड़ना मंदिर और मस्जिद, दोनों को तोड़ने जैसा था।

इतना ही नहीं, हिंदू महासभा बीजेपी नेताओं मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत बाबरी विध्वंस के वक्त अयोध्या में मौजूद अन्य लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करेगी। संगठन का कहना है कि मुस्लिम भाइयों को बातचीत में शामिल किए बगैर राम मंदिर नहीं बन सकता।

हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणी ने कहा, ‘अधिकांश लोगों का मानना था कि मस्जिद के गुंबद के नीचे रामलला की एक मूर्ति थी। इसके वाबजूद बीजेपी नेताओं ने उसे तोड़ने के लिए लोगों को उकसाया। मुस्जिद के जिस भाग में नमाज पढ़ी जाती थी, वह गुंबद के नीचे नहीं था, लेकिन उन लोगों ने पूरी मस्जिद ही तोड़ दी। इसका मतलब यह है कि उन लोगों ने मंदिर और मस्जिद, दोनों को तोड़ डाला।’

उन्होंने कहा कि इस मामले में मुख्य तौर आडवाणी के खिलाफ केस किया जाएगा। वह घटनास्थल पर मौजूद सबसे वरिष्ठ नेता थे, लेकिन इसके बावजूद लोगों ने एक मंदिर को तोड़ दिया। इस महीने के आखिर में इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक केस दायर किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘आडवाणी जैसे छद्म राष्ट्रवादी बीजेपी नेता हिंदू और मुसलमान, दोनों के दुश्मन हैं।’
चक्रपाणी ने कहा कि संगठन ने अपना राम मंदिर आंदोलन शुरू किया है, लेकिन यह विश्व हिंदू परिषद के अभियान से अलग है। उन्होंने कहा, ‘हमें मस्जिद फिर से बनाने के लिए भी एक अलग जगह का चुनाव करना होगा।’
NBT

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