Wednesday , November 22 2017
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आतंकवादियों को न्यूकलीयर हथियार हासिल करने से रोकना चाहिए

वाशिंगटन: नॉन स्टेट ऐक्ट्रस (आतंकवादियों) को न्यूकलीयर पदार्थ हासिल करने से रोकने के लिए और अधिक कदम की जरूरत है। विश्व नेताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से आयोजित एक शिखर सम्मेलन के बाद यह घोषणा जारी किया। ओबामा ने भारत और पाकिस्तान से भी कहा कि वह अपने न्यूकलीयर हथियारों में कटौती करें। न्यूकलीयर सेक्योरिटी शिखर सम्मेलन में दुनिया भर से अधिक से 50 नेताओं ने भाग लिया। उन्होंने न्यूकलीयर और रेडियोलोजीकल आतंकवाद के खतरे को अंतरराष्ट्रीय सेक्योरिटी के लिए एक गंभीर खतरा और चुनौती बताया।

विज्ञप्ति(बुलेटिन) में कहा गया है कि यह खतरा स्थायी रूप अख्तियार करता जा रहा है। दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के अंत के बाद बराक ओबामा ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के लिए आवश्यक है कि वह अपने न्यूकलीयर हथियारों की कटौती की दिशा प्रगति करें और सुनिश्चित करें कि वे गलत दिशाओं में यात्रा आगे न बडे। ओबामा ने कहा कि न्यूकलीयर हथियारों की कटौती के मामले में हमारे लिए बड़ी चुनौती यह है कि जब तक अमेरिका और रूस इसके लिए तैयार नहीं होते दूसरों को तैयार करना मुश्किल होगा।

अमेरिका और रूस के पास न्यूकलीयर हथियार हैं। उन्होंने कहा कि जो दूसरे क्षेत्र ऐसा है जिस पर हमें ध्यान देने की जरूरत है वह पाकिस्तान और भारत का है। इस उप महाद्वीप में इस बात को सुनिश्चित करने की जरूरत है कि सैन्य जरूरतों के मामले में अपनी यात्रा गलत दिशा में जारी न रहे। ओबामा की टिप्पणी ऐसा लगता है कि पाकिस्तान के न्यूकलीयर हथीारों में हो रहे वृद्धि पर चिंता से संबंधित थे।

पिछले महीने अमेरिकी सचिव जॉन केरी ने अमेरिका और रूस की मिसाल पेश की थी और कहा था कि नॉन स्टेट ऐक्ट्रस को न्यूकलीयर हथियार हासिल करने से रोकने के लिए और अधिक प्रयास की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम इस बात का प्रण करते हैं कि न्यूकलीयर आतंकवाद के खतरों को कम करते हुए अंतरराष्ट्रीय वातावरण अधिक शांत और शांतिपूर्ण करें। सेक्योरिटी शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं ने कहा कि वे सभी देशों की इस बुनियादी जिम्मेदारी को दोहराते हैं कि न्यूकलीयर हथियारों और सुविधाओं का न्यूकलीयर सामग्री और पदार्थों को सुरक्षित बनाने के लिए और अधिक कदम की जरूरत है।

विज्ञप्ति(बुलेटिन) में कहा गया है कि सभी देशों को इस संबंध में सूचना का आदान प्रदान भी अमल में लाने की जरूरत है।

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