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आतंकी के विचारों के आधार पर जाकिर नाइक को इस तरह से बदनाम नहीं किया जा सकता- मौलाना फिरंगी

इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाइक को लेकर शिया और सुन्नी मौलवियों की राय बंटी नजर आ रही है। शहर के एक प्रमुश शिया मौलवी ने जहां जाकिर नाइक के भाषणों को उकसाने वाला बताकर उनपर बैन की मांग की है, वहीं सुन्नी मौलवी का कहना है कि अगर इस नजर से देखा जाए तो तमाम नेताओं को भी बैन करना पड़ेगा।

खास बात यह है कि दोनों मौलवी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य हैं। मजलिस-ए-उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना कल्बे जव्वाद ने शुक्रवार को नाइक के भाषणों, किताबों पर पूर्णतया प्रतिबंध की मांग की है। उनका कहना है कि नाइक के भाषण मुस्लिम युवाओं को भड़काकर उग्रवादी गतिविधियों की तरफ ले जाते हैं। उधर, ऐशबाग ईदगाह के इमाम और सुन्नी मौलवी मौलाना राशिद फिरंगी महली ने इसे लेकर मीडिया पर ही निशाना साध लिया है। महली का कहना है कि मीडिया एक ऐसे मुस्लिम धर्मगुरु की चारित्रिक हत्या में जुटा है, जिसके सबसे अधिक अनुयायी हैं।

कल्बे जव्वाद ने एक कदम आगे बढ़ते हुए जाकिर नाइक को आतंकी नेटवर्क का हिस्सा तक बता डाला है। कल्बे जव्वाद ने कहा कि नाइक ने अपने भाषणों में कई बार मुल्ला उमर और ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकियों की तारीफ की है। वह खुलेआम अपने चैनल पर मुस्लिम युवाओं को गैर मुस्लिमों के प्रति भड़काते हैं।

वहीं, सुन्नी मौलवी फिरंगी महली का कहना है कि एक आतंकी के विचारों के आधार किसी स्कॉलर (जाकिर नाइक) को इस तरह से बदनाम नहीं किया जा सकता। महली ने कहा कि जाकिर नाइक के 14 मीलियन अनुयायी हैं। अगर इनमें से एक अपनी आतंकी गतिविधियों के लिए नाइक पर आरोप लगाएगा तो क्या 14 मीलियन लोगों पर इसी आधार पर केस कर दिया जाएगा।

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