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आधार कार्ड प्रोजेक्ट हुकूमत के ज़ेर-ए-ग़ौर नही

पार्लियामेंट को आज साबिक़ा यू पी ए हुकूमत की जानिब से शुरू किए गए अहम प्रोजेक्ट आधार कार्ड के बारे में मतला करते हुए कहा कि मौजूदा हुकूमत इस प्रोजेक्ट को ख़त्म करने का कोई इरादा नहीं रखती।

पार्लियामेंट को आज साबिक़ा यू पी ए हुकूमत की जानिब से शुरू किए गए अहम प्रोजेक्ट आधार कार्ड के बारे में मतला करते हुए कहा कि मौजूदा हुकूमत इस प्रोजेक्ट को ख़त्म करने का कोई इरादा नहीं रखती।

याद रहे कि मज़कूरा प्रोजेक्ट के ज़रिया हिंदुस्तानी शहरियों की बायो मैट्रिक तफ़सीलात हासिल करते हुए उन्हें कार्ड्स जारी किए गए (करोड़ों अफ़राद हनूज़ कार्ड्स से महरूम हैं) और उसे हुकूमत की स्कीमात से फाय‌दा के लिए पासपोर्ट और दीगर दस्तावेज़ात के मुमासिल क़रार दिया गया था।

वज़ीर मंसूबा बंदी राउ इंद्रजीत सिंह ने लोक सभा को एक तहरीरी जवाब देते हुए कहा कि फ़िलवक़्त हुकूमत के पास आधार प्रोजेक्ट ख़त्म करने की कोई तजवीज़ नहीं है। कल पार्लियामेंट में पेश किए बजट में हुकूमत ने आधार प्रोजेक्ट के तसलसुल को बरक़रार रखने के लिए 2014-15-ए-के लिए 2039 करोड़ रुपये मुख़तस किए हैं|

जबकि इस रक़म का अगर 2013-14-ए-के लिए मुख़तस रक़म से बराबरी किया जाये तो ये बहुत ज़्यादा है क्योंकि 2013-14-ए-के लिए सिर्फ़ 1550 करोड़ रुपये ही मुख़तस किए गए थे। लोक सभा में एक और तहरीरी जवाब के ज़रिया सिंह ने बताया कि यूनीक आईडनटीफ़केशन अथॉरीटी आफ़ इंडिया (NIDAI) 9 मार्च 2014-ए-को आधार कार्ड प्रोजेक्ट के तहत 60 करोड़ अवाम का इंदिराज मुकम्मल करलिया है।

2009 में नंदिनी नीलीकानी की क़ियादत में इस प्रोजेक्ट का क़ियाम अमल में आया था जिस के तहत 18 रियासतों के शहरियों का इंदिराज किया जाना मक़सूद था लेकिन फरवरी 2014 में यू आई डी ए आई को मज़ीद चार रियासतों उत्तरप्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड की ज़िम्मेदारी भी सोंपी गई और इस तरह इंदिराज किए जाने वाले अवाम की तादाद 33.9 करोड़ होगई। इन ज़ाइद चार रियासतों में आधार कार्ड के तहत अवाम के इंदिराज का सिलसिला हनूज़ जारी है।

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