आधार : न्यायलय ने पश्चिम बंगाल सरकार से पूछा कि संसद के कदम को राज्य कैसे चुनौती दे सकता है

आधार : न्यायलय ने पश्चिम बंगाल सरकार से पूछा कि संसद के कदम को राज्य कैसे चुनौती दे सकता है
Click for full image

सामाजिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार को अनिवार्य बनाने के केन्द्र के कदम को चुनौती देने वाली याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने आज पश्चिम बंगाल सरकार से सवाल किये।

न्यायालय ने पूछा कि एक राज्य कैसे संसद के जनादेश को चुनौती दे सकता है? न्यायमूर्ति ए. के. सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने कहा, ‘‘एक राज्य ऐसी याचिका कैसे दायर कर सकता है। संघीय व्यवस्था में, एक राज्य कैसे संसद के जनादेश को चुनौती देने वाली याचिका दायर कर सकता है।’’ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायालय को बताया कि यह अपील राज्य के श्रम विभाग ने दायर की है क्योंकि इन योजनाओं के तहत सब्सिडी वही वितरित करता है।

पीठ ने कहा, ‘‘आप हमें संतोषजनक उत्तर दें कि कैसे एक राज्य इसे चुनौती दे सकता है। हम जानते हैं कि इस मुद्दे पर विचार की जरूरत है।’’ पीठ ने कहा कि केन्द्र के कदम को कोई व्यक्ति चुनौती दे सकता है, राज्य नहीं।

न्यायालय ने कहा, ‘‘ममता बनर्जी को एक व्यक्ति के रूप में अपील दायर करने दें। हम उस पर विचार करेंगे क्योंकि वह एक व्यक्ति होंगी।’’ हालांकि, सिब्बल ने कहा कि राज्य ऐसी अपील दायर कर सकता है, लेकिन उन्होंने कहा कि वह अपील में लिखे अनुरोध में बदलाव करेंगे।

इस बीच न्यायालय ने मोबाइल नंबरों को आधार से जोड़ने को चुनौती देने वाली एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवायी करते हुए केन्द्र को नोटिस जारी किया और उसपर चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा।

पश्चिम बंगाल सरकार ने उस प्रावधान को चुनौती दी है जिसमें कहा गया है कि आधार के बिना सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा।

इससे पहले केन्द्र ने उच्चतम न्यायालय को बताया था कि विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार को उनसे जोड़ने की अनिवार्यता की तिथि बढ़ाकर 31 मार्च, 2018 कर दी गई है। यह प्रावधान उनके लिए किया गया है जिनके पास अभी भी 12 डिजिट की बायोमीट्रिक पहचान संख्या ‘आधार’ नहीं है।

केन्द्र ने कहा कि यह समय विस्तार सिर्फ उनके लिए है जिनके पास आधार नंबर नहीं है और जो इसके लिए पंजीकरण कराना चाहते हैं।

Top Stories