Friday , December 15 2017

आप की नोटिस वजह नुमाई एक मज़ाक़ : योगेंद्र यादव

नई दिल्ली तादीबी कमेटी सरबराह लाइलम और मीडीया के रूबरू अफ़शा-ए-पर बाग़ी लीडर का इस्तिफ़सार

नई दिल्ली

तादीबी कमेटी सरबराह लाइलम और मीडीया के रूबरू अफ़शा-ए-पर बाग़ी लीडर का इस्तिफ़सार

आम आदमी पार्टी से यक़ीनी इख़राज का सामना कररहे बाग़ी लीडर योगेंद्र यादव ने नोटिस वजह नुमाई पर पार्टी को शदीद तन्क़ीदों का निशाना बनाया और उसे एक मज़ाक़ क़रार दिया। उन्होंने सोश्यल मीडीया पर ये सवाल भी किया कि नोटिस वजह नुमाई उन्हीं मौसूल होने से पहले मीडिया को तफ़सीलात का इल्म किस तरह हुआ।

उन्होंने तादीबी कमेटी अरकान पर इस नोटिस के अफ़शा-ए-का इल्ज़ाम आइद किया। उन्होंने कहा कि क़ौमी तादीबी कमेटी अपने सदर नशीन दिनेश वाघेला को तारीकी में रखते हुए ये नोटिस किस तरह जारी करसकती है। उन्होंने वाघेला से टेलीफ़ोन पर गुफ़्तगु का दावा किया जिन्होंने बताया कि वो दिल्ली में नहीं हैं और पैनल ने इस मामला में हनूज़ कोई फ़ैसला नहीं किया है।

योगेंद्र यादव ने कहा कि कल शाम उन्होंने वाघेला से बात की और वो नोटिस वजह नुमाई के बारे में लाइलम थे। लेकिन टी वी इत्तेलाआत में इस नोटिस के बारे में बताया गया। योगेंद्र यादव ने सोश्यल मीडिया पर कहा कि वाघेला ने इस मामला का जायज़ा लेते हुए इंसाफ़ का वाअदा किया था।

इस के साथ साथ उन्होंने हस्सास मामलात के अफ़शा-ए-की तहक़ीक़ात करते हुए ज़िम्मेदारों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि 10 बजे शब मीडिया को तमाम 4 मुक्तो बात के मतन का पता चल गया था। क्या कमेटी के किसी रुकन ने इस का अफ़शा-ए-किया है? 8 बजे शब मीडिया ने ये इत्तेला दी कि नोटिस इन्हें जारी की जा रही है।

ये भी बताया कि शख़्सी तौर पर ये नोटिस दी जाएगी। पहले तो उन्हें मीडिया की इत्तेला पर यक़ीन नहीं हुआ। इस के बाद उन्हें पता चला कि प्रोफ़ैसर आनंद कुमार की नोटिस उन के घर पर पहूँचा दी गई है। उन्होंने कहा कि आख़िर मीडिया को हर सरगर्मी से कौन वाक़िफ़ करवाया रहा है? आम आदमी पार्टी ने बाग़ी क़ाइदीन के ख़िलाफ़ कार्रवाई का सिलसिला जारी रखते हुए कल 4 सीनीयर लीडर्स योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, आनंद कुमार और अजीत झा को नोटिस वजह नुमाई जारी की थी। उन्हें पार्टी की मुख़्तलिफ़ कमेटीयों के ओहदों से पहले ही बरतरफ़ किया जा चुका है।

योगेंद्र यादव ने कमेटी के दीगर अरकान बिशमोल आशीष खेतान और पंकज गुप्ता पर भी तन्क़ीद की और कहा कि क्या कभी किसी ने शिकायत कनुंदा और ऐनी शाहिदीन के जजस बन जाने के बारे में सुना है? उन्होंने कहा कि जिस कमेटी ने नोटिस जारी की है और इस मामले का फ़ैसला करेगी इन में पंकज गुप्ता भी शाल हैं।

ये वही पंकज गुप्ता हैं जिन्हों ने एक तहरीरी दस्तख़त शूदा बयान जारी करते हुए प्रशांत भूषण और ख़ुद उन (योगेंद्र यादव) पर मुख़ालिफ़ पार्टी सरगर्मीयों में मुलव्विस होने का इल्ज़ाम आइद किया था। वो अब इस इल्ज़ाम की तहक़ीक़ात करेंगे। कमेटी में आशीष खेतान भी शामिल हैं जिन्होंने गुज़िश्ता माह प्रशांत भूषण और उन के ख़ानदान के ख़िलाफ़ तौहीन आमेज़ रिमार्कस किए थे और बाद में उन्हें माज़रत ख़्वाही करनी पड़ी थी।

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