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आप को आयकर विभाग का नोटिस, पूछा क्यों न पार्टी की टैक्स छूट रद्द कर दी जाए

नई दिल्ली: आयकर विभाग ने आम आदमी पार्टी को चंदा देने वालों की सूची में गड़बड़ी करने के आरोप में नोटिस भेजा है। आयकर विभाग के मुताबिक, चंदा देने वालों की जो सूची उन्हें दी गई और जो पार्टी की वेबसाइट पर सूची है, वह दोनों अलग-अलग हैं।

आयकर विभाग ने नोटिस जारी कर पार्टी से पूछा है कि क्यों न आयकर अधिनियम के तहत पार्टी को मिलने वाली टैक्स छूट रद्द कर दी जाए? इससे पहले भी आप को आयकर विभाग ने नोटिस भेजे थे, पर पार्टी की तरफ से उसका जवाब नहीं दिया गया, उसके बाद विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नियमों के मुताबिक, किसी भी पॉलिटिकल पार्टी को 20 हजार रुपये से ज्यादा के चंदे का ब्यौरा चुनाव आयोग को सौंपना होता है। लेकिन आम आदमी पार्टी पर आरोप है कि इसने ऐसा नहीं किया है। बताया जा रहा है कि पार्टी ने अपनी वेबसाइट पर से सभी दानदाताओं का नाम अभी हटा लिया है।

आयकर विभाग के नोटिस के बाद आम आदमी पार्टी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भाजपा सिर्फ पार्टी के दानकर्ताओं को टारगेट कर रही है। आप के प्रवक्ता राघव चड्डा ने कहा, “शुरुआत में आयकर विभाग को सौंपी गई सूची में थोड़ी गलतियां थीं जिसे नोटिस मिलने के बाद दुरुस्त कर लिया गया। हमने अपनी डोनर्स की लिस्ट में 100 प्रतिशत पारदर्शिता रखी है। आईटी रिटर्न को संशोधित करना पार्टी का वैधानिक अधिकार है।“

आम आदमी पार्टी का आरोप है कि उनके दानकर्ताओं को टैक्स अधिकारियों द्वारा पड़ताड़ित किया जा रहा है जिसकी वजह से पार्टी ने वेबसाइट से दानकर्ताओं की लिस्ट हटा ली है। दूसरी तरफ दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी का कहना है कि अरविंद केजरीवाल को इन सभी बातों को साफ करना चाहिए। इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर मामले पर जवाब दिया है। उन्होंने लिखा है कि कांग्रेस और भाजपा को 70 से 80 फीसद मिलने वाले कैश डोनेशन के मुकाबले आप को आठ प्रतिशत से भी कम दान मिलता है।

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