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आबरसानी बिलों में 10 रुपये ता 150 रुपये इज़ाफे का इमकान

शहरे हैदराबाद कई इलाक़ों में पानी की अदम सरबराही और आलूदा पानी की शिकायतें रोज़ाना की आम बात है ताहम उन मसाइल पर तवज्जा देने के बजाये महिकमा आबरसानी ने पानी के बलस् में इज़ाफा कर दिया है।

शहरे हैदराबाद कई इलाक़ों में पानी की अदम सरबराही और आलूदा पानी की शिकायतें रोज़ाना की आम बात है ताहम उन मसाइल पर तवज्जा देने के बजाये महिकमा आबरसानी ने पानी के बलस् में इज़ाफा कर दिया है।

इमकान हैके इज़ाफ़ा क़ीमतों को जारीये माह के बिलस में शामिल कर दिया जाएगा और इज़ाफ़ा क़ीमतें सरविस चार्जस के नाम पर वसूल की जा रही हैं। वाटर बोर्ड के रेवेन्यू शोबा की तरफ से तैयार करदा सिफ़ारिश पर बोर्ड के एम डी ने मंज़ूरी की मोहर लगादी है।

इमकान हैके ज़मुरा वारी सतह पर 10 रुपये से लेकर 150 रुपये तक बिलस में इज़ाफ़ा होसकता है। वाटर बोर्ड के इस फ़ैसले से शहर के आम आदमी पर इज़ाफ़ी बोझ आइद होगया है।

जबकि अक्सर शहरी वाटर बोर्ड की तरफ से सरबराह किए जा रहे पानी को पीने के लिए इस्तेमाल करने से ख़ौफ़ज़दा हैं और अपनी सेहत बच्चों की सेहत के पेशे नज़र फिल्टर पानी को ख़रीद कर पीने के लिए मजबूर हैं।

वबाई अमराज़ और शहर में अदम सफ़ाई के निज़ाम से ख़ौफ़ का शिकार शहर में वाटर बोर्ड की तरफ से सरबराह किए जा रहे है पानी को पीने के बजाये सिर्फ़ ज़रूरीयात के तहत इस्तेमाल कर रहे हैं। एक एसे वक़्त जबकि मौसिम-ए-गर्मा का आग़ाज़ होचुका है। वाटर बोर्ड का फ़ैसला शहरीयों के लिए परेशान का बाइस बन गया है। शहर के बेशतर इलाक़ों में पानी की सरबराही में या फिर आलूदा पानी की शिकायत आम बात है।

वाटर बोर्ड के इस फ़ैसले पर शहरीयों की अक्सरीयत ने नाराज़गी का इज़हार किया है। ताहम इज़ाफे के साथ साथ अगर मयारी सहूलयात को यक़ीनी बनाया जाता बल्कि पहले सहूलयात को यक़ीनी बनाया जाता फिर इज़ाफा किया जाता तो शहर इस फ़ैसलॆ को ख़ुशी से क़बूल करलेते । वाटर बोर्ड के इस फ़ैसला से शहर के 8 लाख 50 हज़ार नल के कनेक्शन के हामिल सारिफ़ीन पर इज़ाफ़ा बोझ आइद होगा।

वाटर बोर्ड के रेवेन्यू शोबा ने जो ये सिफ़ारिश तैययार की है। इस फ़ैसले को बोर्ड के हक़ में सही क़रार दिया है। सिफ़ारिश तैयार करने वाले शोबे का कहना हैके वाटर बोर्ड के लिए दरकार अख़राजात की पा बजाई ये फ़ैसला सरविस चार्जस की शक्ल में ज़रूरी था। चूँकि 8 लाख 50 हज़ार नल के कनेक्शन और अवाम तक पहूंचने के लिए 200 मीटर रीडर्स की ख़िदमात हासिल की जा रही हैं जो अवाम के घरों तक पहोनचकर बिलस् को पहूँचाते हैं और बिलस् वसूल भी करते हैं और ये तमाम ख़िदमात आउटसोर्सिंग के ज़रीये तकमील की जा रही हैं।

वाटर बोर्ड के ज़राए के मुताबिक़ 8 लाख 50 हज़ार कनेक्शन से वाटर बोर्ड को माहाना 82 करोड़ की आमदनी होती है। जिन में अख़राजात बर्क़ी बिलस् और आउटसोर्सिंग, तनख़्वाहों और दुसरे अख़राजात के बाद माहाना 2 करोड़ का ख़सारा होता है। जबकि साल 2010 में आख़िरी मर्तबा सरविस चार्जस में इज़ाफ़ा किया गया था और ताहाल इस में किसी किस्म का कोई इज़ाफ़ा नहीं किया गया।

वाटर बोर्ड की तरफ से मौजूदा निज़ाम के मुताबिक़ 50 रुपये 151 रुपये से लेकर 300 रुपये बिल पर 10 रुपये सरविस चार्ज हासिल किया जाता था और 301 रुपये से 600 रुपये तक बिल पर 15 रुपये और 600 रुपये ज़ाइद बिल पर 20 रुपये लेकिन अब ज़मुरा बंदी और इज़ाफ़ा सरविस चार्जस के बाद 200 रुपये से ज़ाइद बिल पर 20 रुपये 201 रुपये ता 500 रुपये बिल पर 40 रुपये 501 ता 800 रुपये बिल पर 60 रुपये 801 ता 1500 रुपये बिल पर 80 रुपये 1501 रुपये ता 2500 रुपये बिल पर 100 रुपये और 2500 से ज़ाइद पानी की बिल पर 150 रुपये सरविस चार्जस वसूल किए जाऐंगे।

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