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आबादी के तनासुब से रियास्तों को हज के लिए कोटा का ताय्युन

हैदराबाद । ०९ मई (सियासत न्यूज़) मर्कज़ी हज कमेटी सबसिडी से मुताल्लिक़ सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसला पर उस वक़्त तक कोई रद्द-ए-अमल जारी करने से क़ासिर है जब तक वज़ारत-ए-ख़ारजा से तहरीरी अदालती अहकाम पर अमल आवरी की हिदायात मौसूल नहीं होती

हैदराबाद । ०९ मई (सियासत न्यूज़) मर्कज़ी हज कमेटी सबसिडी से मुताल्लिक़ सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसला पर उस वक़्त तक कोई रद्द-ए-अमल जारी करने से क़ासिर है जब तक वज़ारत-ए-ख़ारजा से तहरीरी अदालती अहकाम पर अमल आवरी की हिदायात मौसूल नहीं होती। चीफ़ एग्ज़िक्यूटिव‌ ऑफीसर मर्कज़ी हज कमेटी डाक्टर ऐस शाकिर हुसैन ने आज सियासत से बातचीत के दौरान बताया कि हज कमेटी की जानिब से हज 2012 -ए‍के लिए साबिक़ा ऐलान के तहत ही तैय्यारियां जारी हैं और इस में नई शराइत इतलाक़ के मुताल्लिक़ ग़ौर नहीं किया गया है।

उन्हों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के हुक्म के मुताबिक़ अगर मर्कज़ी वज़ारत-ए-ख़ारजा की जानिब से हिदायत मौसूल होती है तो मर्कज़ी हज कमेटी उन पर अमल आवरी की पाबंद रहेगी। डाक्टर शाकिर हुसैन ने मुल्क भर में रियास्तों को मुख़तस कोटा के मुताल्लिक़ बताया कि रियास्तों और मर्कज़ी ज़ेर-ए-इंतिज़ाम इलाक़ों के लिए मर्कज़ कोटा की तख़सीस साल 2001 -ए-की मर्दुम शुमारी रिपोर्ट की असासपर की गई है और मुस्लिम आबादी के तनासुब से कोटा मुख़तस किया गया है। उन्हों ने बताया कि मुल्क भर में सब से ज़्यादा कोटा उत्तरप्रदेश के लिए मुख़तस किया गया है जहां मुस्लिम आबादी का तनासुब 22.25 फ़ीसद है इसी लिए उत्तरप्रदेश को 25359 आज़मीन का कोटा अलॉट किया गया है।

सब से कम कोटा हिमाचल प्रदेश केलिए मुख़तस किया गया है जहां 0.09 फ़ीसद मुस्लिम आबादी के एतबार से सिर्फ 99 नशिस्तें मुख़तस की गई है। आंधर अप्पर देश केलिए मर्कज़ ने मुस्लिम आबादी के तनासुब 5.06 फ़ीसद के एतबार से 5764 का कोटा मुख़तस किया ही। मर्कज़ी ज़ेर-ए-इंतिज़ाम इलाक़ों में सब से कम कोटा दादरा नगर हवेली केलिए मुख़तस किया गया है जहां पर मुस्लिम आबादी का तनासुब रिकार्ड पर मौजूद नहीं है इसी लिए सिर्फ पाँच नशिस्तें इस के हवाला की गई हैं।

मर्कज़ी ज़ेर-ए-इंतिज़ाम इलाक़ा में सब से ज़ाइद कोटा दिल्ली को हासिल हुआ है जहां पर 1.17फ़ीसद मुस्लिम आबादी के एतबार से 1339 नशिस्तें मुख़तस हैं । मर्कज़ी हज कमेटी की हिदायत के मुताबिक़ आंधरा प्रदेश हज कमेटी के तवस्सुत से दरख़ास्त दाख़िल करने वाले दरख़ास्त गुज़ारों केलिए ऑनलाइन क़ुरआ अंदाज़ी 10 मई को 10 बजे दिन मुनाक़िद होगी और ज़िला वारी असास पर आज़मीन-ए-हज्ज का इंतिख़ाब अमल में आएगा।

उन्हों ने बताया कि मर्कज़ी हज कमेटी की जानिब से तमाम रियास्तों में होने वाली क़ुरआ अंदाज़ी पर ख़ुसूसी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की बे क़ाईदगियों की शिकायातका अज़ाला किया जा सके।

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