Monday , December 11 2017

आबिद अली ख़ान आई हॉस्पिटल में जल्द एम डी एफ़ वोकेशनल सेंटर के क़ियाम का एलान

ज़ाहिद अली ख़ान एडीटर सियासत ने एलान किया कि आबिद अली ख़ान आई हॉस्पिटल ( दारुलशफ़ा) में अनक़रीब एम डी एफ़ का एक वोकेशनल सेंटर क़ायम किया जाएगा जिस में ईबतदाअन लड़कीयों की तर्बीयत के लिए 5 सेविंग मशीन दिए जाऐंगे और जैसे ज़ेर-ए-तरबीयत उम्मीद

ज़ाहिद अली ख़ान एडीटर सियासत ने एलान किया कि आबिद अली ख़ान आई हॉस्पिटल ( दारुलशफ़ा) में अनक़रीब एम डी एफ़ का एक वोकेशनल सेंटर क़ायम किया जाएगा जिस में ईबतदाअन लड़कीयों की तर्बीयत के लिए 5 सेविंग मशीन दिए जाऐंगे और जैसे ज़ेर-ए-तरबीयत उम्मीदवारों की तादाद में इज़ाफ़ा होगा मशीनों की मज़ीद सरबराही का इंतेज़ाम किया जाएगा।

ज़ाहिद अली ख़ान इदारा सियासत-ओ-एम डी एफ़ के ज़ेरे एहतेमाम 45 रोज़ा वोकेशनल समर कैंप की इख़तेतामी तक़रीब-ओ‍जलसा तक़सीम अस्नाद को मुख़ातिब कररहे थे जो महबूब हुसैन जिगर हाल अहाता सियासत में मुनाक़िद हुआ।

सनअतकार ख़ुदादाद ख़ान इफ़्तिख़ार हुसैन सेक्रेटरी फै़जे आम ट्रस्ट और ख़लीक़ उलरहमन कोआर्डीनेटर ए आई सी सी मेहमानान ख़ुसूसी थे। ज़ाहिद अली ख़ान ने ख़वातीन पर ज़ोर दिया कि वो घर को मआशी एतेबार से मुस्तहकम करने की कोशिश करें। एक शख़्स की कमाई और 10 लोगों की परवरिश का तसव्वुर अब ख़त्म होचुका है।

आजके दौर में ख़वातीन हिजाब में रह कर रोज़गार के हुसूल में महव हैं। उन्होंने कहा कि तालीम के मैदान में लड़कीयां लड़कों से आगे हैं और अफ़सोस की बात हैके लड़के Laptop मोबाईल फ़ोन और दुसरे बे मक़सद सरगर्मीयों में तवानाईयां ज़ाए कररहे हैं। चबूतरे पर बैठना और महलों में घूमना फिरना आम होगया है इस लिए पुलिस ने इन नौजवानों के ख़िलाफ़ पुराने शहर में कार्रवाई का आग़ाज़ किया जो काबिल-ए-सिताइश है।

उन्होंने वालिदैन से अपील की के वो बच्चों पर नज़र रखें और उन्हें इन सरगर्मीयों से दूर खीं जो उनकी तालीम को मुतास्सिर और उनकी तरक़्क़ी में रुकावट का सबब है। उन्होंने करीमनगर की एक तालिबा का हवाला दिया जिस ने दसवीं जमात में 99% निशानात हासिल कर के ज़िला का नाम रोशन किया है इसी तरह हैदराबाद की एक लड़की ने आई आई टी में 22वां रैंक हासिल किया है। जिस से पाँच लाख रुपये माहाना मुलाज़िमत मिल सकेगी।

पायलट सल्वा का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तरक़्क़ी की उमनगों को मंज़िल आसानी से मिलती है तरक़्क़ी और कामयाबी मायूस लोगों तक कभी नहीं पहुंचती मुस्लमान के लिए मायूसी कुफ्र है मायूस हुए बगै़र उनको तरक़्क़ी की राह पर गामज़न होना चाहीए।

उन्हों ने सच्चर कमेटी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट ने बता दिया कि मुलक में मआशी तौर पर सब से ज़्यादा कमज़ोर मुस्लमान हैं । यूपी ए ने इस रिपोर्ट को तो बरफ़दान की नज़र कर दिया । हुकूमत के रवैय्या के बाद अब हमारी आँखें खुल जानी चाहीए और हम अल्लाह और इस के हबीबऐ पर भरोसा करके अपनी कोशिश आप करें तभी मुलक में हम को अपना खोया हुआ मुक़ाम हासिल होसकता है । उन्हों ने समर कैंप के इनइक़ाद पर एम डी एफ़ के सदर और कारकुनान को मुबारकबाद दी । उन्हों ने कहा कि मुस्लमानों को तालीम के साथ मईशत को बेहतर बनाने जद्द-ओ-जहद करना होगा । जनाब इफ़्तिख़ार हुसैन ने कहा कि असर-ए-हाज़िर में मुआविन रोज़गार तालीम के ज़रीया मआशी हालात को मुस्तहकम किया जा सकता है । ज़रूरत ये है कि नौजवान आला तालीम और तकनीकी महारत पर ख़ुसूसी तवज्जा दें । उन्हों ने कहा कि फै़जे आम ट्रस्ट भी एम डी एफ़ के तआवुन से ऐसा पराजकट शुरू करने का ख़ाहां है जिस से मुस्लिम नौजवानों में तालीम-ओ-रोज़गार के हुसूल का शौक़-ओ-जज़बा पैदा हो ।

ख़लीक़ उलरहमन ने कहा कि ख़िदमत-ए-ख़लक़ के ज़रीये ही हम बंदगान ख़ुदा की मुश्किलात को दूर करने का बाइस बनते हैं। उन्होंने ज़ाहिद अली ख़ान की फ़लाही-ओ-समाजी ख़िदमात को मिल्लत का असासा क़रार दिया और यकीन् दिया कि वो एम डी एफ़ के प्रोग्रामों में फ़राख़दिलाना तआवुन करेंगे। सय्यद इफ़्तिख़ार मुशर्रफ़ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर वक़्फ़ बोर्ड ने मेहमान एज़ाज़ी की हैसियत से शिरकत की।

ज़ाहिद अली ख़ान ख़ुदादाद ख़ान इफ़्तिख़ार हुसैन और ख़लीक़ उलरहमन ने वोकेशनल मराकिज़ के ज़िम्मेदारों को एवार्ड्स और अस्नादात अता किए और मुबारकबाद दी।

समर कैंप के कामयाब इनइक़ाद के लिए एम डी एफ़ के ओहदेदारों-ओ-कारकुनों को एज़ाज़ात पेश किए गए। इख़तेतामी तक़रीब के सिलसिले में कई मराकिज़ की तरफ से टेलरिंग मेहंदी डिज़ाइनिंग ब्यूटिशियन -ओ-दुसरे कोर्स के नमूनों पर मुश्तमिल नुमाइश तर्तीब दी गई।

TOPPOPULARRECENT