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आब-ओ-हवा की फ़िक्र सबकी ज़िम्मेदारी : वज़ीर आज़म नरेंद्र मोदी

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नई दिल्ली 29 नवम्बर : मौसम की तब्दीली पर अपनी तश्वीश का इज़हार करते हुए वज़ीर आज़म नरेंद्र मोदी ने इतवार के रोज़ कहा कि पूरी दुनिया इसके बारे में फिक्रमंद है और ये हर किसी की ज़िम्मेदारी है |
मन की बात प्रोग्राम के 14 एडिशन में ख़िताब करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, ज़मीन के दर्जा-ए-हरारत में मजीद इज़ाफ़ा नहीं होना चाहिए |
उन्होंने कहा कि , “तवानाई तह्फ्फुज़, ज़मीन का दर्जा-ए-हरारत में मजीद इज़ाफ़ा को रोकने का सबसे अच्छा तरीक़ा है” |
वज़ीर आज़म नरेंद्र मोदी ने सेहत की खिदमात फराहम करने के लिए, खास तौर पर देहाती इलाक़ों अहम किरदार अदा करने के लिए ASHA कारकुनों की तारीफ़ की|
वज़ीर आज़म नरेंद्र मोदी ने कहा कि , “भारत में ASHA कारकुनों के बारे में न मैंने कभी सुना है न आपने सुना होगा| लेकिन बिल गेट्स फाउन्डेशन की वजह से वो फैमिली एंट्रप्रिन्योर के तौर पर दुनिया में मशहूर हो गये हैं |मिलिंडा और बिल जब भी भारत आते हैं वे ASHA कारकुनों से मिलते हैं, और जिनके साथ काम करने का मौक़ा मिला है उनकी बहुत तारीफ़ करते हैं| ASHA कारकुनों की मेहनत और लगन पर उन्हें बहुत ताज्जुब होता है” |
उन्होंने बताया, “उड़ीसा के बालासोर जिले का कबाइली लोगों एक छोटा सा तेंदा गाँव, जिसमे बड़े पैमाने पर मलेरिया फैला हुआ है| इस गाँव की एक आशा-वर्कर, जमुना मणिसिंह ने ठान ली कि अब मैं इस तेंदागाँव में मलेरिया से किसी को मरने नहीं दूँगी”|
वज़ीर आज़म ने, मौसम की तब्दीली और ग्लोबल वार्मिंग को कंट्रोल करने के लिए तवानाई तहफ्फुज़ के बारे में भी बात की |
“उन्होंने कानपुर की नूर जहाँ का ज़िक्र करते हुए कहा कि, ऐसा काम वो कर रही हैं जो शायद किसी ने सोचा ही नहीं होगा| वो शम्सी तवानाई का इस्तेमाल कर ग़रीबों को रौशनी फराहम कर रही हैं | उन्होंने ख़वातीन की एक कमेटी बनाई है और शम्सी तवानाई से चलने वाली लालटेन एक प्लांट लगाया है और महीने 100/- रू. के किराए से वो लालटेन देती हैं” |
उन्होंने कहा कि, “उनके नाम का मतलब ही दुनिया को रौशन करना है और वो अपने इस काम के जरिए दुनिया के सामने एक मिसाल पेश कर रही है” |

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