Friday , May 25 2018

आम आदमी Pvt कंपनी बन गई है

आम आदमी पार्टी को ऐन इंतिख़ाबात से क़बल एक ज़बर्दस्त झटका लगा है जहां पार्टी के क़ौमी आमिला के रुक्न अशोक अग्रवाल ने ये कह कर पार्टी छोड़ दी कि पार्टी बे सिम्त होचुकी है और इस के काम करने का तरीक़ा बिलकुल ऐसा ही है जैसे वो कोई प्राईवे

आम आदमी पार्टी को ऐन इंतिख़ाबात से क़बल एक ज़बर्दस्त झटका लगा है जहां पार्टी के क़ौमी आमिला के रुक्न अशोक अग्रवाल ने ये कह कर पार्टी छोड़ दी कि पार्टी बे सिम्त होचुकी है और इस के काम करने का तरीक़ा बिलकुल ऐसा ही है जैसे वो कोई प्राईवेट लीमेटेड कंपनी हो।

पार्टी के क़ौमी कन्वीनर अरविंद केजरीवाल को एक मकतूब तहरीर करते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के क़ौमी उसूलों को मद्द-ए-नज़र रखते हुए उन्होंने पार्टी में शमूलियत इख़तियार की थी। याद रहे कि अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी की तश्कील के ज़माना से इसके साथ हैं।

अशोक अग्रवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी जिन मक़ासिद के लिए तश्कील दी गई थी, वो मक़ासिद अब कहीं खो गए हैं और ऐसा महसूस होता है कि पार्टी एक ऐसी सिम्त रवां दवां है जिस की कोई मंज़िल नहीं। इस तरह अब अवाम के ज़हनों में पार्टी से मुताल्लिक़ शक-ओ-शुबहात पैदा होरहे हैं और वो ये सोचने पर मजबूर होगए हैं कि पार्टी एक प्राईवेट लीमेटेड कंपनी की तरह काम कररही है।

पार्टी से आम आदमी के रवाबित खराब‌ होते जा रहे हैं और आहिस्ता आहिस्ता पार्टी उमूर समाज के सरमायादार तबक़ा के हवाले किया जा रहा है और आम आदमी ने हालात खराब कर‌ली है और इस तरह वो लोग जो आम आदमी पार्टी के प्लेटफार्म से मरबूत होकर ख़ुद अपनी तशहीर(प्रचार) करना चाहते हैं। उन के लिए ये पार्टी दिन बह दिन फ़ायदेमंद होती जा रही है।

मुल्क का दानिश्वर और सरमायादार तबक़ा आम आदमी के नज़रियों के साथ खलवाड‌ कररहा है। याद रहे कि आम आदमी पार्टी में सियासी उमूर कमेटी के बाद क़ौमी आमिला की कमेटी को दूसरी सब से अहम कमेटी तसव्वुर किया जाता है। अग्रवाल के पार्टी छोड़ देने की तौसीक़ करते हुए पार्टी के क़ौमी तर्जुमान दीपक बाजपाई ने कहा कि उन्होंने पार्टी फ़ोर्म में इन मुआमलात को कभी नहीं उठाया।

उन्होंने ऐसा क्या होता तो हम ज़रूर उस की यकसूई करते। उन्होंने कहा कि हैरत की बात तो ये है कि पार्टी को अग्रवाल के इस्तीफ़ा के बारे में मीडिया से मालूम हुआ। आम आदमी पार्टी ज़राए ने ये भी बताया कि अग्रवाल चांदनी चौक हलक़ा से इंतिख़ाब लड़ने के ख़ाहिश‌ थे लेकिन यहां से पार्टी ने साबिक़ सहाफ़ी अशुतोश को इंतिख़ाबी टिकट दे दिया।

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