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आरुषि-हेमराज कत्ल केस: तलवार जोड़े की दर्खास्त पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज

आरुषि-हेमराज कत्ल केस में मुल्ज़िम तलवार जोड़े की नार्को, ब्रेन मैपिंग व पॉलीग्राफी टेस्ट की रिपोर्ट ट्रायल में पेश करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट आज अपना फैसला सुनाएगा | तलवार जोड़े ने मामले में पहले मुल्ज़िम बनाए गए नौकर व कंपाउंडर

आरुषि-हेमराज कत्ल केस में मुल्ज़िम तलवार जोड़े की नार्को, ब्रेन मैपिंग व पॉलीग्राफी टेस्ट की रिपोर्ट ट्रायल में पेश करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट आज अपना फैसला सुनाएगा | तलवार जोड़े ने मामले में पहले मुल्ज़िम बनाए गए नौकर व कंपाउंडर कृष्णा, राजकुमार और विजय मंडल के इन टेस्टों की रिपोर्ट को ट्रायल का हिस्सा बनाने की मांग की |

जस्टिस बीएस चौहान की सदारत वाली बेंच ने पीर के दिन तलवार जोड़े डॉ राजेश तलवार व डॉ नूपुर तलवार की दर्खास्त पर बहस सुनकर अपना फैसला महफूज़ रख लिया इससे पहले तलवार जोड़े के वकील यूयू ललित ने मुंसिफाना सुनवाई की दुहाई देते हुए रिपोर्टो को ट्रायल का हिस्सा बनाए जाने की मांग की उनका कहना था कि इन रिर्पोटों के इलावा सीबीआइ ने मामले में पहले मुल्ज़िम बनाए गए तीनों नौकरों व कंपाउंडर के पुलिस को दिए गए खुलासा बयान भी रिकार्ड पर पेश नहीं किए हैं और न ही उनके बयानों की बुनियाद पर बरामद हथियार (खुखरी) की जांच रिपोर्ट ही पेश की |

ललित का कहना था कि मुंसिफाना सुनवाई के लिए ये सभी चीजें अहम हैं जबकि दूसरी ओर सीबीआइ की ओर से पेश इजाफी सॉलिसिटर जनरल सिदार्थ लूथरा ने दरखास्त की मुखालिफत करते हुए कहा कि तलवार जोड़े ने मामले की सुनवाई में ताखीर करने के मकसद से यह दरखास्त दाखिल की |

ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट का उनकी दरखास्त खारिज करने का फैसला बिलकुल सही है लूथरा का कहना था कि जो मवाद तलवार जोड़े मांग रहे हैं, उसकी कोई जरूरत नहीं है क्योंकि मुकरर्रा कानून के मुताबिक नार्को, ब्रेन मैपिंग व पॉलीग्राफी टेस्ट की रिपोर्ट कोर्ट सुबूत के तौर पर कुबूल ही नहीं कर सकता |

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