Wednesday , December 13 2017

आर्टिकल35 पर सुप्रीमकोर्ट से सार्वजनिक भावना के ख़िलाफ़ कोई फ़ैसला आया तो उसी वक़्त एजीटशन शुरू होगा:अलगाववादी नेतृत्व

श्रीनगर: कश्मीरी अलगाववादी नेतृत्व सैयद अली गिलानी, मीरवाइज़ मौलवी उमर फ़ारूक़ और मोहम्मद यासीन मलिक ने धारा 35 ए (स्टेट सब्जेक्ट कानून) में किसी भी संभावित परिवर्तन के खिलाफ जनता को विरोध के लिए तैयार रहने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा कोई योजना हमें स्वीकार नहीं जिसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की मुस्लिम बहुल पहचान बदलकर उसकी राजनीतिक स्थिति प्रभावित हो।

रविवार के दिन‌ यहां जारी एक बयान में इन्होंने कहा कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर सार्वजनिक भावनाओं के खिलाफ किसी भी निर्णय को एक साथ शुरू किया जाएगा, सार्वजनिक रूप से संगठित एजीटशन शुरू की जाएगी।उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की साजिश का डट कर मुक़ाबला किया जाएगा और इस बात को दुहराया कि इस तरह के कदम उठाकर यहां फ़लस्तीन जैसी स्थिति बनाने की कोशिशें की जा रही है।

उन्होंने अपने संयुक्त बयान के बारे में इस बात का ख़ुलासा किया एक साज़िश के तहतमुस्लिम बहुल पहचान समाप्त करने की साज़िशें रचाई जा रही हैं और इस बात को दोहराया कि अगर इस तरह की किसी साजिश को सफल होने दिया गया तो विदेशी राज्य से लोग आकर पृथ्वी ख़रीदकर यहाँ फिलिस्तीन जैसी स्थिति पैदा करेंगे लेकिन राज्य के लोग ऐसी साजिश के खिलाफ लड़ेंगे।

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