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आर एस एस और तालिबान में कोई फ़र्क़ नहीं

राघव गढ़, 08 जनवरी:(पीटीआई)कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी मिस्टर दिग्विजय सिंह ने जो आर एस एस पर तन्क़ीदों के लिए शोहरत रखते हैं आज इस ज़ाफ़रानी तंज़ीम का तालिबान से तक़ाबुल किया है । उन्होंने कहा कि आर एस एस और तालिबान के माबेन कोई फ़र्क़ नहीं ह

राघव गढ़, 08 जनवरी:(पीटीआई)कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी मिस्टर दिग्विजय सिंह ने जो आर एस एस पर तन्क़ीदों के लिए शोहरत रखते हैं आज इस ज़ाफ़रानी तंज़ीम का तालिबान से तक़ाबुल किया है । उन्होंने कहा कि आर एस एस और तालिबान के माबेन कोई फ़र्क़ नहीं है क्योंकि दोनों ही बुनियाद परस्त हैं।

उन्होंने अख़बारी नुमाइंदों से बात चीत करते हुए कहा कि वो ऐसा इसलिए कहते हैं क्योंकि दोनों ही बुनियाद परस्त हैं और वो हम को 18 वीं सदी में वापस ले जाना चाहते हैं। वो यहां राघव गढ़ म़्यूनिसिपल इंतेख़ाबात में जलसा से ख़िताब करने के लिए पहूंचे थे ।

सिंह ने कहा कि सिर्फ़ बुनियाद परस्त ताकतें ख़वातीन के लिए ड्रेस कोड की वकालत करती हैं और ऐसा करते हुए ये लोग ख़ुद अपना ग़लत बरताव छुपाना चाहते हैं। कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी ने कहा कि अब वो दिन दूर नहीं जब आर एस एस भी ख़वातीन के लिए जींस कंप्यूटर और मोबाईल फोन्स पर इमतिना आइद करने की बात करेगी ।

उन्होंने कहा कि अगर आर एस एस वाक़ई हिंदूस्तानी कल्चर की इतनी दिलदादा है तो फिर इसके स्वंय सेवकों को क्यों चिडियां पहनाई जाती हैं जो मग़रिबी कल्चर की अलामत हैं। उन्होंने कहा कि ये बेहतर होता अगर वो हिंदूस्तानी धोतियां इस्तेमाल करना शुरू करते । उन्होंने कहा कि हिंदूस्तानी कल्चर हमें ये सिखाता है कि एक ऐसा घर हो जहां ख़वातीन का एहतिराम किया जाये जहां ख़ुशीयां हों और जहां ख़वातीन का एहतिराम नहीं किया जाता वहां ख़ुशीयां नहीं हो सकतीं।

उन्होंने कहा कि इसके बरख़िलाफ़ आर एस एस के सरबराह मोहन भागवत ने शादी को ही एक समाजी कौंट्रैक्ट (Contract) क़रार दे दिया है जिसके तहत मर्दों को रोज़गार हासिल करना चाहीए और ख़वातीन को घरों ही में रहना चाहीए । उन्होंने मध्य प्रदेश के वज़ीर कैलाश विजय वरघिया के इस रिमार्क पर भी तन्क़ीद की जिसमें उन्होंने कहा कि ख़वातीन को भी अपनी हदूद से तजावुज़ नहीं करना चाहीए ।

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