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आर एस एस के आक़ाओं को ख़ुश करने अनोर मान पाड़े की ग़लत बयानबाज़ी

बीदर, ०३ फ़रवरी, ( सियासत डिस्ट्रिक्ट न्यूज़) जनाब क़मर उल-इस्लाम रुकन असैंबली गुलबर्गा-ओ-रुकन कर्नाटक स्टेट वक़्फ़ बोर्ड ने ओक़ाफ़ी ज़मीन पर उन की जानिब से क़ब्ज़ा करने से मुताल्लिक़ लगाए गए इल्ज़ाम को ग़लत और बेबुनियाद क़रार देते हुए मुता

बीदर, ०३ फ़रवरी, ( सियासत डिस्ट्रिक्ट न्यूज़) जनाब क़मर उल-इस्लाम रुकन असैंबली गुलबर्गा-ओ-रुकन कर्नाटक स्टेट वक़्फ़ बोर्ड ने ओक़ाफ़ी ज़मीन पर उन की जानिब से क़ब्ज़ा करने से मुताल्लिक़ लगाए गए इल्ज़ाम को ग़लत और बेबुनियाद क़रार देते हुए मुतालिबा किया है कि कर्नाटक अक़ल्लीयती कमीशन के चेयरमैन अनवर मान पाड़े इस ज़िमन में ग़ैर मशरूत तौर पर माफ़ी मांगें या उन पर आइद करदा इल्ज़ामात का सबूत पेश करें या अक़ल्लीयती कमीशन की चेयरमैन शिप से मुस्ताफ़ी हो जाएं।

उर्दू सहाफ़त से गुफ़्तगु करते हुए क़मर उल-इस्लाम ने बताया कि अनवर मान पाड़े ने जिस सर्वे नंबर 12 नूर बाग़ रोज़ा गुलबर्गा की 8 एकड़ 4 गनटे अराज़ी पर नाजायज़ क़ब्ज़ा करने का इल्ज़ाम आइद किया है इस से उन का कोई ताल्लुक़ नहीं है। जबकि ये अराज़ी निज़ाम सलतनत हैदराबाद के सूबेदार की बीवी नूर जहां ने सैयद ग़ुलाम दस्तगीर नामी शख़्स को फ़रोख़त की थी, और साल 1945 से ये अराज़ी ग़ुलाम दस्तगीर के नाम पर है।

क़मर उल-इस्लाम ने बताया कि साबिक़ वज़ीर एस के कान्ता जो कौंट्रेक्टर सयासी हरीफ़ होने के इलावा इंतेख़ाबात में कई बार उन के ख़िलाफ़ शिकस्त खा चुके हैं के एक ब्यान की बुनियाद पर अनवर मान पाड़े ने उन पर ग़लत इल्ज़ाम आइद किया है जबकि उन्हें मालूम होना चाहीए कि वो अक़ल्लीयती कमीशन जैसे बावक़ार इदारा के चेयरमैन हैं।

उन्होंने कहा कि साबिक़ में वो भी कमीशन हज़ा के चेयरमैन रह चुके हैं और गुज़श्ता 40 बरसों से उन की सयासी इमेज बेदाग़ रही है। उन्हों ने बताया कि मान पाडे इस तरह के ब्यानात के ज़रीया वो आर एस एस के आक़ाओ को ख़ुश करने की कोशिश कर रहे हैं।

क़मर उल-इस्लाम ने कहा कि चाहीए तो ये था कि मिस्टर मानपाडे ज़िंदगी का दौरा करते, जहां पर राम सेना के कारकुनों ने पाकिस्तानी पर्चम लहरा कर फ़िर्कावाराना मुनाफ़िरत फैलाने की मज़मूम कोशिश की थी।जिस तरह मुस्लिम लेजिसलेचर्स फ़ोर्म ने राम सेना पर पाबंदी आइद करने का मुतालिबा क्या वो भी ये मुतालिबा करती।

इलावा अज़ीं पब्लिक सरविस कमीशन में एक भी मुस्लिम नुमाइंदा ना होने के बाइस जो दुश्वारियां पेश आ रही हैं इस की रियास्ती हुकूमत को रिपोर्ट पेश करते हुए अपने ओहदा का ग़लत इस्तेमाल करते हुए मुस्लिम इदारों और मिल्लत को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं |

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