आर एस एस क़ाइदीन को आई एस आई की माली इमदाद का इन्किशाफ़

आर एस एस क़ाइदीन को आई एस आई की माली इमदाद का इन्किशाफ़
मुंबई, 28 मार्च: ख़ुदसाख़ता मज़हबी क़ाइद पांडे ने डिप्टी कमिशनर पुलिस को अपने एतराफ़ी बयान में निशानदेही की है कि आर एस एस क़ाइदीन मोहन भागवत और इंद्रेश कुमार को पाकिस्तानी महिकमा सुराग़ रसानी आई एस आई की जानिब से मालिया फ़राहम किया जा र

मुंबई, 28 मार्च: ख़ुदसाख़ता मज़हबी क़ाइद पांडे ने डिप्टी कमिशनर पुलिस को अपने एतराफ़ी बयान में निशानदेही की है कि आर एस एस क़ाइदीन मोहन भागवत और इंद्रेश कुमार को पाकिस्तानी महिकमा सुराग़ रसानी आई एस आई की जानिब से मालिया फ़राहम किया जा रहा है। आर एस एस क़ाइद श्याम आपटे ने भी इल्ज़ाम आइद किया था कि आर एस एस के दो क़ाइदीन बिशमोल जनरल सेक्रेटरी मोहन भागवत को पाकिस्तान की आई एस आई ने मालिया फ़राहम किया था।

मालेगावं बम धमाके के मुल्ज़िम दयानंद पांडे ने पुलिस के सामने अपने एतराफ़ी बयान में इन दोनों क़ाइदीन की दुबारा निशानदेही की है। महाराष्ट्रा इंसिदाद मुनज़्ज़म जराइम क़ानून (मकोका) के तहत डिप्टी कमिशनर पुलिस की सतह के किसी भी ओहदेदार के सामने दिया हुआ एतराफ़ी बयान अदालत में तस्लीम किया जाता है। दयानंद पांडे ने कहा कि वो अगर 2008 में पौने गया था जहां उस की मुलाक़ात आर एस एस क़ाइद श्याम आपटे से हुई थी, जिस ने इस से इंद्रेश कुमार और मोहन भागवत के आई एस आई से रक़ूमात हासिल करने का तज़किरा किया था।

लेफ़टेनेंट कर्नल सुर्यकांत पुरोहित को जब इस का इल्म हुआ तो इस ने कैप्टन जोशी से ख़ाहिश की थी कि इन दोनों को क़त्ल कर दिया जाये। ख़ुदसाख़ता मज़हबी रहनुमा दयानंद पांडे ने पुलिस को अपने एतराफ़ी बयान में इन्किशाफ़ किया कि लेफ़टेनेंट कर्नल पुरोहित जिस ने दाएं बाज़ू का ग्रुप अभीनो भारत क़ायम किया था, कैप्टन जोशी को हिदायत दे चुका था कि इंद्रेश कुमार और मोहन भागवत का क़त्ल कर दिया जाये।

लेकिन‌ इन दोनों के क़त्ल के मंसूबे पर अमल आवरी नहीं होसकी, जिस पर श्याम आपटे ब्रहम होगया था। दयानंद पांडे ने कहा कि मालेगावं बम धमाके की साज़िश लेफ़टेनेंट‌ कर्नल पुरोहित और उन की मुआविन मुल्ज़िम साध्वी परगिया सिंह ठाकुर ने तैयार की थी, जो हिंदूतवा के मक़सद के हुसूल की कार्रवाई में क़ाइदाना किरदार अदा करना चाहते थे और मुल्क गीर सतह पर मुसलमानों की वजह से होने वाली हन्दुओं की मौत का इंतिक़ाम लेना चाहते थे।

इस ने अपने एतराफ़ी बयान में कहा कि अगर 2007 में इस ने (नासिक के क़रीब) देव लाली कैंप में पुरोहित से मुलाक़ात की थी जहां इस ने अभीनो भारत के नाम से दाएं बाज़ू का एक ग्रुप क़ायम करने का इरादा ज़ाहिर किया था ताकि हिंदुतवा को फ़रोग़ दिया जा सके और इस का तहफ़्फ़ुज़ किया जा सके। पांडे ने कहा कि जनवरी 2008 में इस ने फरीदाबाद में अभीनो भारत के एक इजलास में शिरकत की थी, जिस में पुरोहित, मुआविन मुल्ज़िम सुधाकर चतुर्वेदी और रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय भी मौजूद थे।

इजलास में पुरोहित ने हिंदू राष्ट्र क़ायम करने के बारे में तफ़सील से बातचीत की थी, जिस का अपना एक दस्तूर होगा ताकि हन्दुओं का तहफ़्फ़ुज़ किया जा सके। पुरोहित ने ये भी कहा था कि वो धमाको मादों का इंतिज़ाम करेगा जिन्हें मुस्लिम ग़ालिब आबादी वाले इलाक़ों में इस्तिमाल किया जा सकेगा। इस पर उपाध्याय ने कहा था कि वो बमों की तैयारी के लिए अफ़रादी ताक़त फ़राहम कर सकता है। जून 2008 में दयानंद पांडे ने इंदौर का दौरा किया और साध्वी से मुलाक़ात की।

साध्वी ने इस से कहा कि वो पुरोहित से हिन्दुओं के तहफ़्फ़ुज़ के लिए धमाको माद्दे फ़राहम करने की ख़ाहिश करचुकी है। साध्वी ने कहा था कि पुरोहित मक़सद के बारे में संजीदा नहीं है। इस ने मुझ से ख़ाहिश की कि में पुरोहित को फ़ौरी धमाको माद्दे फ़राहम करने की तरग़ीब दूं। इस मुक़द्दमे में 11 मुल्ज़िमीन को गिरफ़्तार किया गया है जिन में से 2 दयानंद पांडे और राकेश धावड़े एतराफ़ी बयानात दे चुके हैं।

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