आर टी सी ख़ातून कंडक्टर्स मसाइल (समस्सयाओं) का शिकार

आर टी सी ख़ातून कंडक्टर्स मसाइल (समस्सयाओं) का शिकार

आर टी सी बसों की ख़ातून कंडक्टर्स मसाइल (समस्सयाओं) का शिकार हैं। बस कंडक्टर रेनूका 10 बजे दिन काम शुरू करती हैं और घटकेसर में अपने मकान पहूंचते पहूंचते रात के 12 बज जाते हैं।रेनूका ने बताया कि वो मेंह्दी पटनम डिपो में काम करती हैं औ

आर टी सी बसों की ख़ातून कंडक्टर्स मसाइल (समस्सयाओं) का शिकार हैं। बस कंडक्टर रेनूका 10 बजे दिन काम शुरू करती हैं और घटकेसर में अपने मकान पहूंचते पहूंचते रात के 12 बज जाते हैं।रेनूका ने बताया कि वो मेंह्दी पटनम डिपो में काम करती हैं और उन का ज़्यादा वक़्त सफ़र में ही गुज़र जाता है। रेनूका के 2 बच्चे हैं। वो सुबह के वक़्त ही बच्चों के साथ रहती हैं या फिर तातीलात (छुट्टी) में ही बच्चों के साथ वक़्त गुज़ार सकती हैं। रेनूका कहती हैं कि अगर हुक्काम (अधिकारी) ख़ातून कंडक्टर्स को उन के घर के क़रीब के बस डिपो पर ड्यूटी दें तो उन की ज़िंदगी आसान और पुर सुकून हो सकती है।

ये सिर्फ एक रेनूका का ही मसला (समस्सया ) नहीं, तमाम ख़ातून कंडक्टर्स मसाइल (समस्सयाओं) से दो-चार हैं। ख़ातून कंडक्टर्स ने एक मीटिंग में अपने मसाइल (समस्सयाओं) से वाक़िफ़ कराया। इन तमाम की यही ख्वाहिश है कि इन की ड्यूटी उन के घर के क़रीब के बस डिपो से मरबूत (जुड़े हुए) होनी चाहीए। मीटिंग का एहतिमाम ए पी एस आर टी सी एम्पलॉयज़ यूनीयन ग्रेटर हैदराबाद ज़ोन के शोबा (विभाग) ख्वातीन ने किया था। कन्वीनर शोबा (विभाग) ख्वातीन के ओमावती ने कहा कि रात के औक़ात (समय) में ख़ातून कंडक्टर्स की घर वापसी बड़ा सब्र आज़मा मरहला होता है। ड्यूटी ख़तन होने के बाद वापसी में कई मसाइल (समस्सयाएँ) दरपेश हैं। उन्हों ने कहा कि सितम ये है कि ख़ातून कंडक्टर्स को नाइट शिफ़्ट भी करनी पड़ती है। आर टी सी के ग्रेटर हैदराबाद ज़ोन में ख़ातून कंडक्टर्स की तादाद एक हज़ार 600 है और बेशतर ख़ातून कंडक्टर्स ने शिकायत की है कि उन्हें टायलेट की सहूलत तक दस्तयाब नहीं है।

कंडक्टर इंदिरा ने कहा कि डीपोज़ में टायलेट्स तो हैं लेकिन सफ़ाई सुथराई नहीं है। ड्यूटी के दौरान तो टायलट की कोई सहूलत नहीं है। स्टाफ़ रूम्स में अटैच टायलेट होने चाहीए और तवील मुसाफ़ती (लम्बी दूरी) रूटस पर ईस्ट रूम्स का इंतिज़ाम किया जाना चाहीए। ख़ातून कंडक्टर्स से ख़िताब करते हुए ऐगज़ीक्यूटिव डायरेक्टर आर टी सी ग्रेटर हैदराबाद ज़ोन ए कोटेश्वर राव ने कहा कि ख्वातीन के लिए टायलेट्स और दूसरी सहूलतें मुहय्या करने के मक़सद से ख़ानगी (प्राइवेट) इमारतें किराए पर हासिल की जा रही हैं। ख्वातीन के लिए डे शिफ़्ट से मुताल्लिक़ उन्हों ने कहा कि मुलाज़मीन की यूनियनों और ओहदेदारों के साथ मुशावरत के ज़रीया इस मसला (समस्सया ) को तए किया जाएगा।

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