Monday , December 18 2017

आर टी सी बसों की हड़ताल से ख़ांगी गाड़ीयों की चांदी

यलारेडी 29 सितंबर (सियासत डिस्ट्रिक्ट न्यूज़) पिछले पंद्रह दिनों से लगातार आम हड़ताल और नौ दिनों से आर टी सी बसों की हड़ताल ने अलहदा तिलंगाना तहरीक को मज़ीद क़ुव्वत अता की है। ऐसे में नक़ल मुक़ाम करने वालों को दुशवारीयों का सामना करना प

यलारेडी 29 सितंबर (सियासत डिस्ट्रिक्ट न्यूज़) पिछले पंद्रह दिनों से लगातार आम हड़ताल और नौ दिनों से आर टी सी बसों की हड़ताल ने अलहदा तिलंगाना तहरीक को मज़ीद क़ुव्वत अता की है। ऐसे में नक़ल मुक़ाम करने वालों को दुशवारीयों का सामना करना पड़ रहा है। ख़ानगी गाड़ीयों के मालिक मुसाफ़रि न से दोगुना से ज़ाइद वसूल कररहे हैं। यलारीडी से हैदराबाद के लिए आर टी सी किराया 90 रुपय है और ये महात्मा गांधी बस स्टेशन तक के लिए है लेकिन ख़ानगी गाड़ी वाले बाला नगर तक ही लेजाते हुए 200 रुपय फ़ी मुसाफ़िर से वसूल कररहे हैं। जिस से ख़ानगी गाड़ीयों के मालिकान की चांदी हो रही है। यलारीडी और इस के तमाम इलाक़ों में जे ए सी क़ाइदीन रिया लियां मुनज़्ज़म करते हुए शिद्दत के साथ अपना एहतिजाज-ओ-हड़ताल जारी रखे हुए हैं। दूसरी तरफ़ प्राइमरी हेलत सैंटरों पर तिब्बी अमला ने भी अपनी ख़िदमात तर्क करदी हैं। अलहदा तिलंगाना के ऐलान तक तिब्बी ख़िदमात अंजाम ना देने का अज़म कर रखी हैं। जिस से आम आदमी की रोज़मर्रा ज़िंदगी मुहाल होचुकी है। तिब्बी अमला सिर्फ एमरजैंसी ख़िदमात करने की ज़द पर अड़ा हुआ है। इस के साथ साथ मवाज़आत की अवाम ज़माना-ए-क़दीम की तरह पैदल मंडलों का रुख कररहे हैं चंद का कहना है कि ये मुसीबत हम बर्दाश्त करलींगे हमें सिर्फ तलंगाना चाहिये। अलहदा तलंगाना का मुतालिबा तलंगाना के हर फ़र्द में पैवस्त होगया है। यलारीडी मंडल को 40 मवाज़आत की अवाम हर ज़रूरत के लिए रख करती है ऐसी हड़ताल में अवाम को ज़ाइद रक़म ख़र्च करते हुए अपनी ज़रूरीयात पूरी करना पड़ रहा है। यलारीडी में मोटर साईकल रिया ली, लिंगम पेट मंडल में आठ केलो मीटर तक सफ़र तै करनेवाली साईकल रिया ली, गंधारी में भी बाईक रिया ली मुनज़्ज़म करते हुए रास्ता रोको एहतिजाज किया गया। सोनीया गांधी, वज़ीर-ए-आज़म मिस्टर किरण कुमार रेड्डी का अलामती पुतला नज़र-ए-आतिश किया गया। कुछ भी हो अलैहदा तलंगाना मुतालिबा-ओ-तहरीक ने ज़ोर पकड़ रखा है और हालात रोज़ बह रोज़ संगीन होने का भी ख़दशा ज़ाहिर होरहा है ।दूसरी तरफ़ अवाम की मुश्किलात भी शिद्दत के साथ बढ़ रही हैं। जो तशवीश से कम नहीं या मर्कज़ अपना रवैय्या रोल ज़ाहिर करते हुए कोई मूसिर जवाब रखे या फिर एक मुक़र्रर वक़्त ताय्युन करे तो होसकता है हालात मामूल पर आजाऐं।

TOPPOPULARRECENT