Tuesday , December 12 2017

आर बी आई की पालिसी से रियल स्टेट डेवलपर्स नाराज़

कॉन्फेडरेशन आफ़ रियल स्टेट डेवलपर्स एसोसीएशन आफ़ इंडिया (करीडाई) ने आर बी आई के सख़्त गीर मौक़िफ़ इख़तियार करने पर नाराज़गी का इज़हार किया। रिज़र्व बैंक ने तवक़्क़ो के बरअक्स शरह सूद में कोई तबदीली नहीं की है। करीडाई जो ख़ानगी रियल स्टे

कॉन्फेडरेशन आफ़ रियल स्टेट डेवलपर्स एसोसीएशन आफ़ इंडिया (करीडाई) ने आर बी आई के सख़्त गीर मौक़िफ़ इख़तियार करने पर नाराज़गी का इज़हार किया। रिज़र्व बैंक ने तवक़्क़ो के बरअक्स शरह सूद में कोई तबदीली नहीं की है। करीडाई जो ख़ानगी रियल स्टेट डेवलपर्स का अहम इदारा है, रिज़र्व बैंक की तरफ से ख़रीदारी की शरह 7.75 फ़ीसद बरक़रार रखने का ख़ौरमक़दम किया। क़ौमी सदर कॉन्फेडरेशन सी शेखर रेड्डी ने कहा कि मजमूई मआशी सूरते हाल और रियल स्टेट शोबा को दरपेश चैलेंजेस के पेशे नज़र हमें तवक़्क़ो थी कि आर बी आई ने जनवरी में जो शुरूआत की इसे बरक़रार रखते हुए पालिसी शरहों में मज़ीद कमी की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई लोग मकानात की ख़रीदारी के ख़ाहां हैं लेकिन इज़ाफ़ी शरह सूद की वजह से देखो और इंतेज़ार करो की पालिसी अपनाए हुए हैं।

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